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शनिवार, 16 जुलाई, 2005 को 14:14 GMT तक के समाचार
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'दुष्टता की विचारधारा से निबटना होगा'
ब्लेयर
टोनी ब्लेयर ने कहा कि लड़ाई दिल-दिमाग़ की भी
ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा है कि लंदन के बम धमाके करने वाले 'दुष्टता की विचारधारा' से प्रेरित हैं.

प्रधानमंत्री ब्लेयर ने कहा है कि आतंकवाद विरोधी क़दम उठाने के साथ-साथ ज़रूरी है कि बम हमलावरों की विचारधारा को भी चुनौती दी जाए.

टोनी ब्लेयर ने कहा, "यह लड़ाई जीतनी ज़रूरी है, यह लड़ाई सिर्फ़ आतंकवादी हथकंडों के बारे में नहीं है बल्कि उनके दृष्टिकोण के ख़िलाफ़ है. जब तक इसका सीधा मुक़ाबला नहीं किया जाएगा तब तक इसे हराया नहीं जा सकता."

ब्रितानी प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह 'सभ्यताओं का टकराव' नहीं है, उन्होंने कहा कि मुसलमानों सहित सभी लोग आतंकवादी घटनाओं की निंदा करने के मामले में एकमत हैं.

 यह लड़ाई जीतनी ज़रूरी है, यह लड़ाई सिर्फ़ आतंकवादी हथकंडों के बारे में नहीं है बल्कि उनके दृष्टिकोण के ख़िलाफ़ है. जब तक इसका सीधा मुक़ाबला नहीं किया जाएगा तब तक इसे हराया नहीं जा सकता
टोनी ब्लेयर

उन्होंने कहा कि सरकार ब्रिटेन की मुसलमान बिरादरी के साथ मिलजुलकर काम करेगी ताकि चरमपंथ का मुक़ाबला किया जा सके, उन्होंने कहा कि चरमपंथियों की विचारधारा इस्लाम की शालीनता और सच्चाई से कोसों दूर है.

ब्लेयर ने कहा, "यह लड़ाई विचारों की है, दिल दिमाग़ की है, इस्लाम के भीतर भी और बाहर भी."

प्रधानमंत्री ने ये बातें सत्ताधारी लेबर पार्टी के एक सम्मेलन में कही है जबकि लंदन के 7 जुलाई के बम हमले में मरने वालों की कुल संख्या 55 हो गई है.

ब्लेयर ने कहा कि आतंकवाद के ख़तरे से निबटने का तरीक़ा बहस, तर्क और सच्ची धार्मिक आस्था के ज़रिए ही निकल सकता है.

टोनी ब्लेयर ने कहा कि लंदन पर हुआ हमला किसी नीति के ख़िलाफ़ हमला नहीं था बल्कि वह एक अमानवीय बर्बर कृत्य था, उनका इशारा इराक़ के ख़िलाफ़ सैनिक कार्रवाई की तरफ़ था.

दूसरी ओर, एक अन्य सम्मेलन में लंदन में लेबर पार्टी के सांसद जॉन मैकडॉनल्ड ने कहा कि यह मानना वैचारिक दृष्टि से सही नहीं होगा कि इराक़ पर हमले की घटना ने हमलावरों को उकसाया नहीं होगा.

उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने इराक़ पर सैनिक कार्रवाई शुरू किए जाने के समय ही चेतावनी दी थी कि इससे आतंकवाद को बढ़ावा मिलेगा.

ब्रितानी मुसलमान

इस बीच ब्रिटेन के शीर्ष मुसलमान नेताओं ने कहा है कि "इराक़ के बम हमले को 'पूरी तरह आपराधिक, घोर निंदनीय और पूरी तरह इस्लाम विरोधी हैं."

 इराक़ के बम हमले को 'पूरी तरह आपराधिक, घोर निंदनीय और पूरी तरह इस्लाम विरोधी हैं
मुसलमान नेताओं का बयान

22 प्रमुख मुसलमानों नेताओं की बैठक लंदन के इस्लामिक सांस्कृतिक केंद्र में हुई जिसके बाद एक संयुक्त बयान जारी किया गया, इस बयान में कहा गया कि किसी भी हालत में निर्दोषों की हत्या के बचाव में कोई तर्क नहीं दिया जा सकता.

इन नेताओं ने कहा, "कुरान में साफ़ लिखा है कि किसी निर्दोष व्यक्ति की हत्या संपूर्ण मानवता के ख़िलाफ़ अपराध है, ठीक उसी तरह जिस तरह एक व्यक्ति की जान बचाना पूरी इंसानियत को बचाने जैसा है."

इसी बयान में कहा गया है कि "इन हमलावरों को किसी भी तरह शहीद नहीं माना जा सकता."

इसी बयान में कहा गया कि सभी को मिलजुलकर 'इस्लामोफ़ोबिया, रंगभेद, बेरोज़गारी, आर्थिक विषमता और सामाजिक अलगाव' का मुक़ाबला करना चाहिए.

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