|
भारत और नाइजीरिया के बीच सीधी उड़ान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नाइजीरिया और भारत के बीच बढ़ते आर्थिक और राजनैतिक संबधों की कड़ी में एक और नई शुरुआत हुई है. अठारह वर्षों के बाद नाइजीरिया की वायुसेवा कंपनी ‘बेल्व्यू’ ने लागोस और मुंबई के बीच सीधी उड़ान शुरु कर दी है. 1987 में भारतीय विमानन कंपनी एयर इंडिया द्वारा कुछ नियमों का उल्लंघन करने पर उस पर नाइजीरिया में उड़ान भरने पर पाबंदी लगा दी गई थी. इसके साथ-साथ एयर इंड़िया पर 32 लाख अमरीकी डॉलर का जुर्माना भी लगा दिया गया था. हाल ही में नाइजीरियाई सरकार ने इस जुर्माने को माफ करके, उड़ानो को फिर से आरंभ करने की अनुमति दे दी थी. पिछले कई वर्षों के राजनैतिक और कूटनीतिक प्रयासों के बाद ऐसा संभव हो पाया है. नाइजीरिया के राष्ट्रपति ओलूसेगुन आबासांजो की सन् 2000 में हुई भारत की राजकीय यात्रा के बाद से इस मामले पर बातचीत का दौर आंरभ हुआ था. नया दौर नाइजीरियाई नागरिक उड्डयन मंत्री ईसा युगुदा का कहना है कि “इस सेवा के आरंभ होने से दोनों देशों के बीच सहयोग के लंबे इतिहास में एक और अध्याय जुड़ गया है”. पिछले 18 वर्षों से भारत के लिए कोई सीधी उड़ान न होने की वजह से भारतीय अप्रवासियों सहित नाइजीरियाई व्यापारियों, विद्यार्थीयों और आम लोगों को क़ाफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. इससे पहले भारत के लिए दुबई या कीनिया के रास्ते जाया जा सकता था जिसमें कई बार दो दिन तक लग जाते थे. ग़ौरतलब है कि भारत और नाइजीरिया के बीच प्रति वर्ष तीन अरब डॉलर का व्यापार होता है. कुछ वर्षों पूर्व तक अफ्रीकी उपमहाद्वीप में भारत के साथ व्यापार में नाइजीरिया का स्थान दक्षिण अफ्रीका, मॉरिशस, मिस्र और कीनिया के बाद पाँचवां था, जो अब बढ़ कर शीर्ष पर आ गया है. लागोस में रह रहे एक प्रवासी भारतीय अनूप कुमार का कहना है कि “इस उड़ान की ज़रुरत क़ाफी समय से महसूस की जा रही थी, इससे भारत आने-जाने में सुविधा हो जाएगी. निश्चित रुप से व्यापार में भी बढ़ोतरी होगी. ऐसी आशा है कि एयर इंड़िया भी जल्द ही अपनी सेवाए इस रुट पर शुरु करेगा. पिछले कुछ वर्षों से नाइजीरिया में सुरक्षा व्यवस्था में आए सुधार और लोकतांत्रिक सरकार की नीतियों की वजह से भारतीय अप्रवासियों की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||