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भीख मांगना बंद करें: गद्दाफ़ी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लीबिया में चल रहे अफ्रीकी यूनियन के सम्मेलन ने जी आठ देशों से अफ़्रीकी देशों का पूरा कर्ज़ा माफ़ करने का आह्वान किया है. जी आठ देशों की फिलहाल अफ़्रीकी देशों का चालीस अरब डॉलर का कर्ज़ा माफ़ करने की योजना है जबकि अफ़्रीकी यूनियन चाहता है कि जी आठ अफ़्रीकी देशों का क़रीब 350 अरब पाउंड का कर्ज़ा माफ़ करे. सम्मेलन को संबोधित करते हुए नाइजीरिया के राष्ट्रपति ओलुसेगुन ओबासांजो ने कहा कि पश्चिमी देश अफ़्रीकी देशों का सारा कर्ज़ा माफ़ कर दें. इससे पहले लीबिया के नेता मुअम्मार गद्दाफ़ी ने अफ़्रीकी नेताओं का आह्वान किया है कि वे पश्चिमी देशों से मदद की भीख मांगना बंद करें. गद्दाफ़ी ने पश्चिमी देशों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि वो अफ़्रीकी देशों को दी जाने वाली मदद के साथ शर्तें लगाना बंद करें. अफ़्रीकी देशों के सम्मेलन में उदघाटन भाषण देते हुए गद्दाफ़ी ने कहा कि अगर कोई धनी आदमी किसी ग़रीब आदमी को पैसे देता है तो ग़रीब आदमी से यह नहीं कहता कि वो कैसे कपड़े पहने या अपनी इबादत कैसे करे. लीबियाई नेता ने अफ़्रीका के मुद्दे को विश्व मंच पर लाने के लिए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर का धन्यवाद किया. ब्रिटेन के कारण ही इस साल जी आठ समूह की बैठक में अफ़्रीका पर चर्चा होने वाली है. हालांकि गद्दाफ़ी ने साफ़ किया कि ब्लेयर का ज़्यादा ध्यान चैरिटी संबंधी सहायता पर है. गद्दाफ़ी ने कहा कि अफ़्रीकी देश अमीर देशों से कोई भीख नहीं मांग रहे है. लीबिया के सिरते शहर में मौजूद बीबीसी संवाददाता के अनुसार अफ़्रीकी देश इस सम्मेलन में जी आठ देशों से अपील कर सकते हैं कि सभी अफ़्रीकी देशों का कर्ज़ माफ़ कर दिया जाए जो क़रीब 350 अरब पाउंड है.
जी आठ की योजना फिलहाल 40 अरब पाउंड का कर्ज़ माफ़ करने की है. उधर संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने अफ़्रीकी नेताओं की तारीफ़ की है और कहा है कि इन नेताओं ने अपने लोगों के लिए काफ़ी कुछ किया है. अन्नान ने कहा कि अफ़्रीका में पहले से अधिक लोकतांत्रिक पद्धति से चुनी सरकारें हैं और कई संघर्ष धीरे धीरे समाप्त हो रहे है. ग़रीबी से लड़ाई अफ़्रीका के 53 देशों के नेताओं में संयुक्त राष्ट्र परिषद के विस्तार और उसमें दो अफ़्रीकी देशों को स्थायी सदस्य बनाने के मुद्दे पर सहमति बन गई है लेकिन बैठक का मुख्य मुद्दा ग़रीबी से लड़ाई पर केंद्रित है. सोमालिया के विदेश मंत्री अब्दुल्लाही शेख इस्माईल ने कहा " अफ़्रीकी देश ग़रीबी दूर करना चाहते हैं लेकिन इसके लिए साधन मौजूद नहीं है." रायटर्स संवाद समिति से इस्माईल ने कहा " जी आठ के पास ग़रीबी दूर करने के साधन हैं. यह ज़रुरी है कि इन संसाधनों को राजनीतिक इच्छाशक्ति से जोड़ा जाए तभी अफ़्रीका की मदद हो सकेगी." उधर इथियोपिया के प्रधानमंत्री मेलेस ज़ेनावी ने बीबीसी से कहा कि उन्हें इस बात की उम्मीद कम ही है कि पश्चिमी देश अफ़्रीका को व्यापार के लिए निष्पक्ष वातावरण मुहैया कराएंगे. इस शिखर सम्मेलन से पहले इन देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में अमीर देशों पर इन देशों की मदद के लिए और दबाव बनाए जाने का आहवान किया गया था. |
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