|
'पोप के घर' से दुखी हैं जर्मन महिला | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पोप बेनेडिक्ट 16वें जर्मनी में जिस घर में पैदा हुए थे, उस घर की मालकिन काफ़ी दुखी हैं. वे दुखी इस बात से हैं कि जोज़फ़ रात्सिंगर के नए पोप बनने के बाद उनके घर के बाहर पर्यटकों का तांता लगा रहता है. कई पर्यटकों के ख़िड़कियों से झाँकने की कोशिश और कभी अनजान व्यक्तियों के घर की घंटी बजाने से घर की मालकिन क्लॉडिया डैंडल तंग आ चुकी हैं. वे कहती हैं कि कभी-कभी तो एक ही दिन सैकड़ों पर्यटक वहाँ आते हैं और उनका जीना दूभर हो गया है, इसलिए वे उस घर को बेचना चाहती हैं. पिता पुलिस कमांडर जोज़फ़ रात्सिंगर जर्मनी की मार्कटल एम इन जगह के 18वीं सदी में बनाए गए घर में पैदा हुए थे. उनका जन्म 16 अप्रैल 1927 को हुआ था. किसी समय 'कस्टम हाऊस' रही ये इमारत अब ऐतिहासिक स्थल घोषित हो चुकी है. जब जोज़फ़ रात्सिंगर पैदा हुए थे तब ये वहाँ का पुलिस थाना हुआ करता था और जोज़फ़ के पिता पुलिस कमांडर हुआ करते थे. शहर के मेयर इस घर को संग्रहालय बना देना चाहते हैं लेकिन फ़िलहाल ये स्पष्ट नहीं है कि यदि मकान की बोली लगती है तो स्थानीय प्रशासन उसमें भाग लेगा या नहीं. हाल में पोप की पुरानी कार वॉक्सवैगन गॉल्फ़ एक अमरीकी कैसीनो ने एक लाख 27 हज़ार डॉलर में ख़रीदी थी. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||