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अन्नान का नाम फिर सामने आया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में तेल के बदले अनाज कार्यक्रम में हुए घोटाले की जांच कर रही समिति कुछ " नए दस्तावेज़ों" का अध्ययन कर रही है जिसका संबंध कथित तौर पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान से है. स्वीडन की फर्म काटेक्ना ने इस हफ्ते एक मेमो जारी किया है जिसमें 1998 में कोफ़ी अन्नान और फर्म के अधिकारियों के बीच एक बैठक का जिक्र है. काटेक्ना को इराक़ में तेल के बदले अनाज कार्यक्रम की निगरानी का ठेका मिला था. इस मुलाक़ात के कुछ ही हफ्तों बाद इराक़ में तेल के बदले अनाज कार्यक्रम का ठेका दिया गया था. मेमो के आधार पर कहा जा रहा है कि अन्नान के काटेक्ना से संबंध थे. अन्नान के पुत्र कोजो अन्नान इस कंपनी के लिए काम करते थे लेकिन कोफ़ी अन्नान का कहना है उन्हें इस बात की पहले से जानकारी नहीं थी कि काटेक्ना ने इस ठेके के लिए आवेदन किया है. पिछली जांच में पाया गया था कि अन्नान ने काटेक्ना की मदद नहीं की है लेकिन यह भी कहा गया था कि अन्नान को इन ठेकों के मामले में और सावधानी बरतनी चाहिए थी. जांच में कोजो अन्नान पर अपने पिता को भुलावे में रखने का आरोप लगाया गया था. सामूहिक फ़ैसला जांच समिति ने बयान जारी कर कहा है कि इस नए मेमो के मद्देनज़र अलग से जांच की जाएगी. काटेक्ना द्वारा जारी मेमो में कंपनी के तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारी माइकल विल्सन ने लिखा है कि दिसंबर 1998 में अन्नान और उनके दल के साथ पेरिस में एक सम्मेलन के दौरान उनकी बातचीत हुई थी. न्यूयार्क टाइम्स अखबार ने यह मेमो प्रकाशित किया है और बाद में काटेक्ना ने इसकी पुष्टि की. मेमो के अनुसार संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों ने उन्हें सामूहिक रुप से सलाह दी कि काटेक्ना को उनसे समर्थन मिल सकता है. हालांकि बाद में कंपनी के एक अधिकारी ने अख़बार से कहा कि कंपनी के किसी वरिष्ठ अधिकारी को इस तरह के मेमो की जानकारी नहीं है और मेमो में जो लिखा गया है वह कंपनी के रुख से अलग है. इस बीच संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता फ्रेड एकार्ड ने वह इस तरह की किसी बैठक की पुष्टि नहीं कर सकते. संवाद समिति एपी के अनुसार उन्होंने कहा " महासचिव इस समय पेरिस में हैं. हमने उनसे बात की लेकिन उन्हें ऐसी कोई मुलाक़ात याद नहीं है. " उन्होंने कहा कि इस बारे में कोई भी जानकारी जांच समिति के अध्यक्ष पॉल वोल्कर को दी जाएगी. अगले कुछ महीनों में जांच समिति की पूरी रिपोर्ट आने की उम्मीद है. |
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