| स्वाज़ी नरेश की ग्यारहवीं शादी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़्रीका के छोटे से देश स्वाज़ीलैंड के राजा मस्वाटी तृतीय बड़े माहिर हैं. 37 वर्षीय नरेश को देश संभालने के साथ-साथ एक 'भरा-पूरा' घर भी संभालना पड़ता है. उनके इस परिवार में 11 पत्नियाँ हैं और उनकी 21 बरस की नई पत्नी उनके 25वें बच्चे को जन्म देनेवाली हैं. उन्होंने अपनी इस नई पत्नी को तीन साल पहले एक नृत्य समारोह में देखने के बाद चुन लिया था और उनकी पढ़ाई बंद करवाकर राजा के साथ रहने के लिए भेज दिया गया. लेकिन बात यहीं तक नहीं थमनेवाली, अभी दो और युवतियाँ स्वाज़ी नरेश से ब्याह करने के लिए लाइन में लगी हुई हैं. आलोचना मगर अफ़्रीका के इस अंतिम नरेश को इतनी बार शादियाँ करने के लिए आलोचना भी सुननी पड़ रही है. दरअसल राजा जहाँ शानोशौकत के साथ अपनी ज़िंदगी बिता रहे हैं वहाँ देश के आम लोगों की हालत बिल्कुल ही बदहाल है. राजा के पास गाड़ियों का अंबार है जिसमें सबसे महंगी कार की कीमत है पाँच लाख डॉलर. साथ ही अपनी पत्नियों के महलों की सजावट पर भी वे लाखों डॉलर ख़र्च कर देते हैं. वहीं एक करोड़ की आबादी वाले देश की हालत ये है कि वहाँ लगभग 70 फ़ीसदी लोग प्रतिदिन 50 रूपए से भी कम की कमाई पर जीवन चला रहे हैं. बेरोज़गारी की दर 40 प्रतिशत है और 40 प्रतिशत वयस्क आबादी एचआईवी से ग्रसित है. वैसे स्वाज़ी नरेश के पिता सोभुज़ा द्वितीय अपने बेटे से भी आगे हैं. 1968 में देश को आज़ादी दिलवानेवाले नरेश ने जब 1982 में आँखें मूँदीं तब उनकी 70 पत्नियाँ थीं. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||