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इराक़ में विशेष सुरक्षा अभियान चलेगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ की अंतरिम सरकार ने ब़ग़दाद में लगातार जारी कार बम हमलों से निपटने के लिए सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतज़ामों की घोषणा की है और एक विशेष अभियान चलाया जाएगा. इस अभियान को आपरेशन लाइटनिंग नाम दिया गया है जिसके तहत ब़ग़दाद के चारों ओर 40 हज़ार सैनिक तैनात किए जाएंगे और सैकड़ों सुरक्षा नाके बनाए जाएंगे. इस बीच राजधानी बग़दाद में संदिग्ध विद्रोहियों के हमलों में सात लोगों के मारे जाने की ख़बर है. बग़दाद के दक्षिणी हिस्से में एक कार पर ताबड़तोड़ गोलियाँ चलाई गईं जिससे उस कार में बैठे चार लोगों की मौत हो गई. मारे गए लोगों में विश्वविद्यालय के एक प्राध्यापक और संभवतः तीन उनके सुरक्षा गार्ड थे. एक अन्य घटना में बग़दाद के पश्चिमोत्तर हिस्से में एक पुलिस गश्ती दल के पास कार बम विस्फोट हुआ जिसमें दो पुलिसकर्मियों और एक आम आदमी की मौत हो गई. इन घटनाओं में कई लोग घायल भी हुए हैं. अभियान सरकार का कहना है कि उनके पास वांछित चरमपंथी अबू मूसाब अल ज़रक़ावी के घायल होने की पक्की ख़बर है. रक्षा मंत्री सादून अल दुलैमी ने संवाददाताओं को बताया कि राजधानी के चारों ओर सुरक्षा की एक अभेद्य दीवार खड़ी कर दी जाएगी. इसी पत्रकार सम्मेलन में मौजूद गृह मंत्री बयाब जावर ने बताया कि वह इन रिपोर्टों की पुष्टि कर सकते हैं कि ज़रक़ावी पाँच दिन पहले एक कार्रवाई में घायल हुए हैं.
उन्होंने कहा कि ज़रक़ावी की हालत गंभीर है या नहीं इस बारे में अभी कुछ बताने की स्थिति में नहीं हैं. यह पूछे जाने पर कि उन्हें ज़रक़ावी की स्थिति के बारे में जानकारी कैसे मिल रही है, जावर ने कहा कि इस तरह की जानकारी जुटाना मेरा काम है. दो दिन पहले एक इस्लामी वेबसाइट पर ज़रक़ावी के घायल होने की सूचना दी गई थी और मुसलमानों से उनके लिए प्रार्थना करने को भी कहा गया था. इसके बाद गुरुवार को ख़बरें आई कि ज़रक़ावी के स्थान पर इराक़ में अल क़ायदा का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है लेकिन बाद में एक अन्य वेबसाइट पर इस ख़बर का खंडन किया गया. हालाँकि दोनों वेबसाइटों में छपे संदेशों की स्वतंत्र रुप से पुष्टि नहीं हो पा रही है. सुरक्षा स्थिति ब़ग़दाद में पिछले छह हफ्तों में हर दिन औसतन तीन कार बम धमाके हुए हैं जिसमें सौ से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. रक्षा मंत्री का कहना है कि आपरेशन लाइटनिंग के ज़रिए ब़ग़दाद के चारों ओर 675 चेक प्वाइंट बनाए जाएंगे जो 24 घंटे निगरानी का काम करेंगे. इसके अलावा सचल सुरक्षा नाके भी काम करेंगे. रक्षा मंत्री को उम्मीद है कि इससे सभी चरमपंथियों को ब़ग़दाद में प्रवेश करने से रोका जा सकेगा. लेकिन इस अभियान से हमले कितने रुकेंगे यह इसके शुरू होने पर ही पता चल सकेगा. |
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