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चीन-जापान संबंध और ख़राब हुए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन और जापान के तनावपूर्ण रिश्ते और बिगड़ गए हैं. चीन, जापानी प्रधानमंत्री ज़ुनिचिरो कोइज़ुमी के द्वितीय विश्व युद्ध में मारे गए जापानी सैनिकों की समाधि पर जाने से नाराज़ है. मारे गए सैनिकों में वो सैनिक भी शामिल हैं जिन्हें युद्ध के दौरान किए गए अत्याचारों के कारण मृत्युदंड दिया गया था. उधर जापान पहुँची चीन की उपप्रधानमंत्री वू यी ने अचानक चीन से वापस जाने का फ़ैसला कर लिया जिससे दोनो देशों के बीच तनाव और बढ़ गया. चीनी उपप्रधानमंत्री वू यी ने जापान के प्रधानमंत्री ज़ुनिचिरो कोइज़ुमी के साथ निर्धारित अपनी बैठक से ठीक पहले चीन वापस जाने का निर्णय किया. महत्वपूर्ण है कि ये बैठक दोनो देशों के बीच रिश्तों में तनाव घटाने के लिए ही रखी गई थी. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी और अख़बारों ने प्रधानमंत्री ज़ुनिचिरो कोइज़ुमी की कड़ी आलोचना की है और एक अख़बार ने तो इस संदर्भ में जर्मन नेता हिटलर का भी ज़िक्र किया. उधर जापान के विदेश मंत्री नोबुताका माचीमुरा ने कहा कि चीनी मंत्री के जापान यात्रा बीच में ही छोड़ने पर आधिकारिक तौर पर माफ़ी माँगी जानी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ है. |
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