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सैनिकों का नियंत्रण सौंपने से इनकार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने अपने सैनिकों की कमान अफ़ग़ानिस्तान सरकार के हाथ में देने की संभावना से इनकार किया है. अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने देश में तैनात अमरीकी सैनिकों की कमान अफ़ग़ान अधिकारियों को सौंपने की बात कही थी. अमरीकी राष्ट्रपति ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "हमारे सैनिक अमरीकी अधिकारियों का ही आदेश मानेंगे" लेकिन उन्होंने कहा कि अफ़ग़ान अधिकारियों से सलाह-मशविरा जारी रहेगा. अमरीकी राष्ट्रपति ने क़ैदियों को अफ़ग़ान अधिकारियों के हवाले किए जाने के मामले पर कोई वादा नहीं किया. दुर्व्यवहार अमरीकी और अगफ़ान राष्ट्रपतियों की मुलाक़ात ऐसे समय में हो रही है जबकि अफ़ग़ानिस्तान में क़ैदियों के साथ अमरीकी सैनिकों के दुर्व्यवहार की चर्चा गर्म है. ऐसा नहीं है कि दोनों राष्ट्रपतियों के बीच सिर्फ़ असहमति रही हो, कई मुद्दों पर दोनों नेताओं ने सहमति भी व्यक्त की.
दोनों नेताओं ने एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए जिसका मक़सद दोनों देशों के बीच सैनिक, आर्थिक और राजनीतिक संबंध को प्रगाढ़ बनाना बताया गया है. पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए हामिद करज़ई ने कहा कि उन्हें अमरीकी सैनिकों के हाथों क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार पर बहुत अफ़सोस है लेकिन उन्होंने इस मामले को दरकिनार करते हुए कहा कि इससे अमरीकी लोगों के बारे में राय नहीं बनाई जा सकती. दरअसल, अमरीकी राष्ट्रपति से मुलाक़ात के बाद करज़ई का रूख़ बदला हुआ था, रविवार की रात को सीएनएन टीवी को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, "यह क़तई स्वीकार नहीं किया जा सकता, हम इस बात पर बहुत नाराज़ हैं, हमें इंसाफ़ चाहिए." अमरीकी समाचार पत्र न्यूयॉर्क टाइम्स में एक गोपनीय रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद हंगामा और बढ़ गया, रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया है कि किस तरह कैदियों के साथ इराक़ के अबू ग़रेब की जेल जैसा ही सलूक किया जा रहा था. अफ़ीम अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने अमरीकी राष्ट्रपति से अफ़ीम खेती और नशीले पदार्थों की तस्करी के सवाल पर भी विचार से चर्चा की, अमरीका का कहना रहा है कि अफ़ग़ानिस्तान ने इस कारोबार को रोकने के लिए ठोस क़दम नहीं उठाए हैं. न्यूयॉर्क टाइम्स में ही पिछले दिनों एक और गोपनीय रिपोर्ट प्रकाशित हुई है जिसमें अमरीकी अधिकारियों ने लिखा है कि "हामिद करज़ई अफ़ीम के कारोबार को रोकने के लिए सख़्त क़दम उठाने से हिचक रहे हैं." दुनिया भर में अफ़ग़ानिस्तान में अफ़ीम की सबसे अधिक पैदावार होती है और वह हेरोइन की शक्ल में अमरीका और यूरोप के बाज़ारों में पहुँचती है, बीबीसी के काबुल स्थित संवाददाता का आकलन है कि ये मुद्दे दोनों देशों के बीच ज़रूर हैं लेकिन दोनों देशों के रिश्तों में कोई अंतर नहीं आया है, अफ़ग़ानिस्तान को अमरीकी सहायता की ज़रूरत है जबकि अमरीका अल क़ायदा और तालेबान के ख़तरे को देखते हुए अफ़ग़ानिस्तान में बने रहना चाहता है. |
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