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थाई नृत्यांगना मेची का बॉलीवुड ड्रीम | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
थाई मूल की मेची याँग कभी भारत नहीं गई है लेकिन अमरीका में राष्ट्रीय स्तर की एक प्रतियोगिता में उसे भारतीय नृत्य पर उपविजेता का पुरस्कार मिल चुका है. हिंदी फ़िल्मों के ज़रिए भारत को जानने वाली कैलीफ़ोर्निया की सत्रह वर्षीय मेची ने टूटी-फूटी हिंदी बोलना भी सीख लिया है. न्यू जर्सी में हुई राष्ट्रीय स्तर की बूगी-वूगी नृत्य प्रतियोगिता में बॉलीवुड शैली का डांस कर वह उपविजेता रही हैं. मेची ने पहला पुरस्कार पाने वाली भारतीय मूल की एक नृत्यांगना को कड़ी टक्कर दी. उसे भारतीय नृत्य से इतना लगाव कैसे हुआ, यह पूछने पर मेची कहती हैं, "ये तब हुआ जब मैंने पहली हिंदी फ़िल्म चाँदनी देखी. तब मैं पाँच साल की थी." इसके बाद डांसिंग स्टेप्स सीखने के लिए मेची ने कई हिंदी फ़िल्मों को बार-बार देखा. पुराने दिन मेची कैलीफ़ोर्निया के सेक्रोमेन्टो शहर के पास एल्ग ग्रोव में रहती हैं. पुराने दिनों को याद करते हुए वह कहती हैं, "भारतीय दर्शकों के सामने मेरा पहला प्रदर्शन सेक्रोमेन्टो के एक मंदिर में हुआ. तब मैं 10 साल की थी. दर्शकों ने मेरे नृत्य को बहुत पसंद किया. उसके बाद मैं डांस से और ज़्यादा जुड़ गई." मेची याँग ने भरतनाट्यम की भी शिक्षा ली है. वह कहती हैं, "मुझे लगा कि कला का सर्वोत्तम रूप भारतीय नृत्य में ही है." अपने बॉलीवुड ड्रीम के बारे में उसने कहा, "मेरा अंतिम लक्ष्य है कम से कम एक हिंदी फ़िल्म में अवश्य काम करना." मेची ने चाँदनी फ़िल्म में श्रीदेवी को गोल घूमते देखकर नाचना सीखा, लेकिन माधुरी दीक्षित और ऐश्वर्या राय भी उसे बहुत पसंद है. |
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