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बॉम्बे ड्रीम्ज़ अब मुंबई की तरफ़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन और अमरीका में धूम मचाने वाले एंड्रयू लॉयड्स वेबर का संगीत नाटक बॉम्बे ड्रीम्ज़ अब उस शहर का रुख़ कर रहा है जिस पर इसका नाम रखा गया है यानी बॉलीवुड नगरी मुंबई की तरफ़. इस संगीत नाटक के निर्माता एशिया का दौरा करने के बारे में तैयारियाँ कर रहे हैं और जिन शहरों में इसके प्रदर्शन पर विचार किया जा रहा है उनमें एक नाम मुंबई का भी है. लेकिन इस संगीत नाटक के निर्माता इस बात को लेकर चिंतित भी हैं कि कहीं यह मुंबई में नाकाम तो नहीं हो जाएगा क्योंकि वहाँ के लोग बॉलीवुड फ़िल्में देखने के आदी हैं, ऐसे में संगीत नाटक को कितना पसंद करेंगे? मुंबई के अलावा सिंगापुर, मलेशिया, चीन और दक्षिण कोरिया इसके प्रदर्शन की तैयारियाँ की जा रही हैं और अनुमान लगाया गया है कि हर देश में इस प्रदर्शन पर क़रीब 70 लाख डॉलर की लागत आएगी. बॉम्बे ड्रीम्ज़ सबसे पहले लंदन के थियटर इलाक़े वेस्ट एंड में 2001 में शुरू हुआ था और उसके बाद से इसने अच्छी कामयाबी हासिल की है. न्यूयॉर्क के ब्रॉडवे में इसे काफ़ी पसंद किया गया है. लेकिन एशिया में इसके प्रदर्शन के लिए सिर्फ़ भारतीय कलाकार ही लिए जाएंगे.
बॉम्बे ड्रीम्ज़ को संगीत एआर रहमान ने दिया है जिनका संगीत अब भारत की सीमाएँ लाँघ कर विदेशों में भी अपनी पहचान बना चुका है. रहमान ने भारतीय समाचार पत्र इंडियन एक्सप्रेस से कहा, "यह उत्साहजनक बात तो है लेकिन यह अफ़सोस की बात भी है कि भारत में अभी उस संगीत नाटक का प्रदर्शन होगा जिसे दुनिया पहले ही देख चुकी है." बॉम्बे ड्रीम्ज़ में एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जो एक ग़रीब बस्ती से उठकर बॉलीवुड फ़िल्मों का कलाकार बन जाता है और एक फ़िल्म निर्देशक की बेटी के प्यार में पड़ जाता है. कहानी ब्रिटेन में एक भारतीय मूल की लेखिका और अभिनेत्री मीरा स्याल ने लिखी है. साथ ही निर्देशक शेखर कपूर और नृत्य निर्देशिका फ़राह ख़ान ने भी सहयोग दिया है. |
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