BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मंगलवार, 18 नवंबर, 2003 को 18:34 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
चाँद तारों को छूने की आशा
सुहास गोपीनाथ
बड़े इरादे हैं सुहास गोपीनाथ(बायें) के

कहते हैं सपनों में बड़ी शक्ति होती है.

सपने देखने वाले ही कड़ी मेहनत से अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं.

दुनिया में हर नई और बड़ी सफलता के पीछे भी उसके सपनों का होना ज़रूरी है.

तो सपनों और सफलता की इस कहानी में जो सबसे नया अध्याय जुटा है वो है सुहास गोपीनाथ का.

दक्षिण भारत के शहर बंगलौर में जन्मे सुहास की उम्र अभी 18 साल भी नहीं है और उनका सपना है बिल गेट्स बनने का.

रोचक बात तो ये है कि उनका ये सपना कोई कोरी कल्पना भर नहीं है.

सुहास अपनी सॉफ्टवेयर कंसल्टेंसी चलाते हैं.

वे दुनिया भर में सबसे कम उम्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं.

उनकी कंपनी ग्लोबल्स इंकोरपोरेटेड कैलिफ़ोर्निया की सिलिकन वैली में रजिस्टर्ड है.

जिस कच्ची उम्र में किशोर वर्ग के बाकी लोग मौज़ मस्ती में जुटे रहते हैं वहीं सुहास अपनी कंपनी के विस्तार और समृद्धि की योजनाएं बनाते हैं.

वर्ष 2000 में अपने दो दोस्तों के साथ इस कंपनी की शुरुआत करने वाले सुहास गोपीनाथ प्रतिभावान ही नहीं कल्पनाशील भी हैं.

उनका कहना है," हमें आशा है कि अगले पाँच सालों में हम प्रतिवर्ष 10 लाख अमरीकी डॉलर का व्यवसाय करने लायक हो जाएंगे."

ये कंपनी अपने ग्राहकों वेब डिज़ाइनिंग, ऑनलाइन शॉपिंग, इंटरनेट सुरक्षा और क्रेडिट कार्ड भुगतान इत्यादि में मदद करती है.

कानूनी अड़चनें

सुहास की उम्र इतनी कम हैं कि वो कानूनी तौर पर कई अनुबंधों पर हस्ताक्षर करने के लिए काफ़ी छोटे हैं.

इस नन्हे उद्यमी को अपनी कंपनी के पंजीकरण की ज़रूरत पड़ी.

हमें आशा है कि अगले पाँच सालों में हम प्रतिवर्ष 10 लाख अमरीकी डॉलर का व्यवसाय करने लायक हो जाएंगे

सुहास गोपीनाथ

इनकी कंपनी में 60 लोग काम करते हैं और वो भी अमरीका में क्योंकि भारतीय कानून उन्हें नाबालिक मानता है.

सुहास की कंपनी के प्रतिनिधि बंगलौर के अलावा कैलिफ़ोर्निया, न्यूयॉर्क, मेरीलैंड, वर्जीनिया और लंदन में भी हैं.

सुहास का कहना है," जब मैं व्यस्क हो जाऊँगा तो इस कंपनी का भारतीयकरण करूँगा."

सुहास की दिली तमन्ना है कि वे अपने आदर्श बिल गेट्स से मुलाकात करें.

अभी तक तो उन्हें गेट्स से मिलने का मौका नहीं मिल पाया है लेकिन उनके दोस्तों का कहना है कि वे इतनी आसानी से हार मानने वाले नहीं हैं.

इससे जुड़ी ख़बरें
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>