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सुरक्षा में लग रहा है पुनर्निर्माण कोष | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में पुनर्निर्माण का काम देख रहे एक अमरीकी अधिकारी ने कहा है कि इस काम के लिए उपलब्ध रक़म का एक बड़ा हिस्सा सुरक्षा बंदोबस्त में ख़र्च किया जा रहा है. पुनर्निर्माण प्रबंध कार्यालय के प्रमुख बिल टेलर ने कहा है कि इराक़ में पुनर्निर्माण कार्य काफ़ी ख़तरनाक साबित होता जा रहा है. उन्होंने यह भी जानकारी दी है कि पिछले साल अप्रैल से अब तक पुनर्निर्माण के काम में लगे क़रीब तीन सौ अमरीकी ठेकेदार और उनके सुरक्षा गार्ड मारे जा चुके हैं. बिल टेलर के मुताबिक़ विद्रोही गुट काफ़ी अड़चनें खड़ी कर रहे हैं. यहाँ तक कि तेल कंपनियों को भी ये लोग इराक़ में निवेश करने से रोक रहे हैं. टेलर ने कहा है कि पुनर्निर्माण का काम अभी शुरू ही हुआ है और अभी इसमें काफ़ी काम बाक़ी है. रक़म की कमी उधर संयुक्त राष्ट्र के एक सर्वेक्षण में कहा गया है कि इराक़ में आधे से कुछ ही ज़्यादा लोगों को पीने का साफ़ पानी उपलब्ध है. अमरीकी अधिकारी ने बताया है कि अमरीका ने जितनी रक़म पुनर्निर्माण के लिए तय की थी, वो बहुत कम है और अब इसके लिए विदेशी निवेश की भी ज़रूरत पड़ेगी. इराक़ पर अमरीका और ब्रिटेन के हमले के दो साल बाद भी आम इराक़ी को न बिजली की आपूर्ति हो रही है और न ही पर्याप्त पानी ही मिलता है. हमले से पहले अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज डब्लू बुश ने इराक़ी नागरिकों के नाम जारी एक संदेश में कहा था कि हम खाना और पानी और स्वतंत्रता लेकर आ रहे हैं. दयनीय हाल इराक़ के योजना मंत्री ने इस महीने की शुरुआत में किए गए संयुक्त राष्ट्र के एक सर्वे में कहा था कि यहाँ के लेगों की हालत "बहुत दयनीय" हैं.
उन्होंने कहा था कि इराक़ में सिर्फ़ एक तिहाई लोगों को जल-निकास की सुविधा हासिल है और बच्चों की चौथाई आबादी कुपोषण की शिकार है. इराक़ी शहरों की बमबारी के बाद अमरीका ने कई देशों से अपील की थी कि वहाँ हुई बर्बादी के बाद पुनर्निर्माण के लिए आगे आएँ. लेकिन विवाद तब शुरू हुआ जब पुनर्निर्माण के काम के बड़े-बड़े ठेके अमरीकी कंपनियों को ही दिए गए. |
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