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शुक्रवार, 06 मई, 2005 को 20:53 GMT तक के समाचार
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ब्लेयर के नए मंत्रिमंडल की घोषणा
टोनी ब्लेयर और गॉर्डन ब्राउन
ब्लेयर ने गॉर्डन ब्राउन को एक बार फिर वित्त मंत्री बनाया है
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने चुनाव जीतने के बाद अपने नए मंत्रिमंडल का गठन शुरू कर दिया है.

प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के नेतृत्व में लेबर पार्टी ने लगातार तीसरी बार संसद के निचले सदन 'हाउस ऑफ़ कॉमन्स' में बहुमत पा लिया है.

गॉर्डन ब्राउन देश के वित्त मंत्री के पद पर बने रहेंगे जबकि मौजूदा स्वास्थ्य मंत्री जॉन रीड को रक्षा मंत्री बनाया जा रहा है. नए मंत्रिमंडल में जैक स्ट्रॉ के पास विदेश मंत्रालय ही रहेगा.

पीटर हैन को उत्तरी आयरलैंड मामले का मंत्री बनाया गया है. पूर्व गृह मंत्री डेविड ब्लैंकेट को कार्य और पेंशन मामलों का मंत्री बनाया गया है.

प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा है कि उनकी सरकार अर्थव्यवस्था पर ध्यान केंद्रित रखेगी और साथ ही कम आय वाले लोगों की सहायता के अलावा स्वास्थ्य और शिक्षा को प्राथमिकता देगी.

ऐतिहासिक जीत

ये लेबर पार्टी की ऐतिहासिक जीत है क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ है कि लेबर पार्टी लगातार तीसरी बार आम चुनाव में विजयी रही है.

लेकिन इसी के साथ संसद में लेबर पार्टी का बहुमत बहुत कम रह गया है. अब तक के नतीजों के मुताबिक लेबर पार्टी को 355, विपक्षी कंज़र्वेटिव पार्टी को 197 और लिबरल डेमोक्रैट पार्टी को 62 सीटें मिली हैं.

नतीजे

  • लेबर पार्टी - 355
  • कंज़रवेटिव - 197
  • लिबरल डेमोक्रैट्स - 62

'हाउस ऑफ़ कॉमन्स' में इस बार 646 सीटें हैं और 645 सीटों के लिए मतदान हुआ था, इस तरह बहुमत पाने के लिए किसी भी पार्टी के लिए 324 के आँकड़े तक पहुँचना ज़रूरी था.

पिछले चुनाव के बाद लेबर के 413 सांसद थे, कंज़र्वेटिव पार्टी के 166 सासंद थे और लिबरल डेमोक्रैट पार्टी के 42 सांसद थे.

महत्वपूर्व है कि इराक़ युद्ध के सबसे मुखर विरोधी जॉर्ज गैलोवे ने लेबर पार्टी की ऊना किंग को हरा दिया जिन्होंने इराक़ युद्ध का समर्थन किया था.

बीबीसी के राजनीतिक संपादक एंड्रू मार का कहना था, "सरकार नहीं बदली इसका मतलब ये नहीं है राजनीति में कोई बदलाव नहीं हुआ. यह नतीजा प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के लिए चुनौती बन सकता है."

प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर सेजफ़ील्ड सीट से विजयी रहे हैं.

टोनी ब्लेयर ने अपनी जीत के बाद कहा, "ब्रितानी लोग लेबर की सरकार को ही चाहते थे, चाहे कम बहुमत से ही चाहते हों. इराक़ के मुद्दे पर मत बँटा लेकिन इस चुनाव को लेबर पार्टी का पुनर्जन्म मानना चाहिए."

उन्होंने उम्मीद जताई कि पूरा देश अब एक होकर भविष्य की और देखेगा. उन्होंने कहा कि लेबर पार्टी को – रोज़गार, जीवन-स्तर बेहतर करने और क़ानून व्यवस्था जैसे मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करना होगा.

नेता नहीं होंगे

विपक्षी कंज़र्वेटिव पार्टी के नेता माइकल हार्वर्ड ने अपनी सीट जीत ली है.

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हॉवर्ड ने नेता पद छोड़ने की बात कही है

लेकिन अपनी पार्टी को जीत न दिला पाने के कारण उन्होंने घोषणा की है कि वे अगले चुनाव में अपनी पार्टी का नेतृत्व नहीं करेंगे.

उन्होंने कहा कि विश्वसनीयता महत्वपूर्ण चीज़ होती है और वे कंज़र्वेटिव पार्टी की जिता नहीं पाए.

लेबर पार्टी की जीत पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कंज़र्वेटिव पार्टी में हॉवर्ड के बाद दूसरे नंबर के नेता माइकल एंक्रैम ने कहा कि लेबर पार्टी का वोट प्रतिशत गिरा है और कोई भी पार्टी इतने कम वोट प्रतिशत के साथ सत्ता में नहीं आई थी.

लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता चार्ल्स कैनेडी ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि इतने कम वोट प्रतिशत के साथ लेबर पार्टी को जीत हासिल हुई है.

प्रतिक्रिया

अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने टोनी ब्लेयर के एक बार फिर सत्ता में लौटने पर उन्हें बधाई दी है.

राष्ट्रपति बुश ने प्रधानमंत्री ब्लेयर को फ़ोन करके उन्हें शुभकामना दी.

फ़्रांस के राष्ट्रपति ज़्याक शिराक ने भी ब्लेयर को बधाई दी है और कहा है कि आने वाले समय में ब्रिटेन की भूमिका महत्वपूर्ण होगी.

लेकिन पाकिस्तान में इस्लामी कट्टरपंथी गुट जमात-ए-इस्लामी ने ब्लेयर को चुनने के लिए ब्रितानी जनता की आलोचना की है. गुट का कहना है कि ब्लेयर ने इराक़ युद्ध को अपनी सहमति दी थी.

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