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शुक्रवार, 06 मई, 2005 को 05:04 GMT तक के समाचार
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लेबर पार्टी की ऐतिहासिक तीसरी जीत
चुनाव
लेबर पार्टी लगातार तीसरी बार विजयी तो हुई लेकिन उसका बहुमत काफ़ी घटा है
ब्रिटेन में प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के नेतृत्व में लेबर पार्टी ने लगातार तीसरी बार संसद के निचले सदन 'हाउस ऑफ़ कॉमन्स' में बहुमत पा लिया है.

ये लेबर पार्टी की ऐतिहासिक जीत है क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ है कि लेबर पार्टी लगातार तीसरी बार आम चुनाव में विजयी रही है.

लेकिन इसी के साथ संसद में लेबर पार्टी का बहुमत बहुत कम रह गया है. बीबीसी-आईटीवी सर्वेक्षण के अनुसार आसार हैं कि लेबर का बहुमत पिछली बार के 167 सीटों से घटकर 66 सीटों के बीच हो सकता है.

अब तक के नतीजों के मुताबिक लेबर पार्टी को 355, विपक्षी कंज़र्वेटिव पार्टी को 197 और लिबरल डेमोक्रैट पार्टी को 62 सीटें मिली हैं.

ताज़ा नतीजे

  • लेबर पार्टी - 355
  • कंज़रवेटिव - 197
  • लिबरल डेमोक्रैट्स - 62

'हाउस ऑफ़ कॉमन्स' में इस बार 646 सीटें हैं और 645 सीटों के लिए मतदान हुआ था, इस तरह बहुमत पाने के लिए किसी भी पार्टी के लिए 324 के आँकड़े तक पहुँचना ज़रूरी था.

पिछले चुनाव के बाद लेबर के 413 सांसद थे, कंज़र्वेटिव पार्टी के 166 सासंद थे और लिबरल डेमोक्रैट पार्टी के 42 सांसद थे.

 ब्रितानी लोग लेबर की सरकार को ही चाहते थे, चाहे कम बहुमत से ही चाहते हों. इराक़ के मुद्दे पर मत बँटा लेकिन इस चुनाव को लेबर पार्टी का पुनर्जन्म मानना चाहिए. हमें इसका समझदारी से सामना करना चाहिए
प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर

कई सीटें जो लेबर पार्टी के लिए सुरक्षित मानी जा रही थीं वहाँ भी उनके उम्मीदवारों का आधार घटा है और कई सीटों पर मतदाताओं का रुझान लेबर की जगह लिबरल डेमोक्रैटिक पार्टी की ओर बढ़ता नज़र आया.

पर्यवेक्षक इसे इराक़ मुद्दे पर लेबर के मतदाताओं के गुस्से के रूप में देख रहे हैं. लिबरल डेमोक्रैट पार्टी ने कम से कम दस सीटें तो लेबर पार्टी से ही छीनी हैं.

प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने भी माना कि इराक़ मुद्दे से मत का विभाजन हुआ.

महत्वपूर्व है कि इराक़ युद्ध के सबसे मुखर विरोधी जॉर्ज गैलोवे ने लेबर पार्टी की ऊना किंग को हरा दिया जिन्होंने इराक़ युद्ध का समर्थन किया था.

बीबीसी के राजनीतिक संपादक एंड्रू मार का कहना था, "सरकार नहीं बदली इसका मतलब ये नहीं है राजनीति में कोई बदलाव नहीं हुआ. ये नतीजा प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के लिए चुनौती बन सकता है."

'एक होकर चलें'

प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर सेजफ़ील्ड सीट से विजयी रहे हैं.

 वक्त आ गया है कि वे बाते करने की जगह अब अपने वादे पूरे करें
कंज़र्वेटिव पार्टी के नेता

टोनी ब्लेयर ने अपनी जीत के बाद कहा, "ब्रितानी लोग लेबर की सरकार को ही चाहते थे, चाहे कम बहुमत से ही चाहते हों. इराक़ के मुद्दे पर मत बँटा लेकिन इस चुनाव को लेबर पार्टी का पुनर्जन्म मानना चाहिए."

उन्होंने उम्मीद जताई कि पूरा देश अब एक होकर भविष्य की और देखेगा. उन्होंने कहा कि लेबर पार्टी को – रोज़गार, जीवन-स्तर बेहतर करने और क़ानून व्यवस्था जैसे मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करना होगा.

विपक्षी कंज़र्वेटिव पार्टी के नेता माइकल हार्वर्ड ने अपनी सीट जीत ली.

उन्होंने लेबर पार्टी के प्रदर्शन के लिए प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के बधाई दी और कहा, "वक्त आ गया है कि वे बाते करने की जगह अब अपने वादे पूरे करें."

प्रमुख चुनावी नतीजों में विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ और वित्त मंत्री गोर्डन ब्राउन अपनी-अपनी सीटों पर विजयी रहे हैं.

 ब्रितानी राजनीति में फिर तीन पार्टियों का दौर शुरु हो गया है
लिबरल डेमोक्रैट्स के नेता

ब्रिटेन के उप प्रधानमंत्री जॉन प्रेस्कॉट ने चुनावी नतीजों का स्वागत करते हुए इसे लेबर पार्टी के लिए एक ऐतिहासिक रात बताया है.

तीन पार्टियों का दौर?

लिबरल डेमोक्रैट पार्टी के नेता चार्ल्स कैनेडी भी अपनी सीट जीत गए.

एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, "ब्रितानी राजनीति में फिर तीन पार्टियों का दौर शुरु हो गया है."

महत्वपूर्ण है कि लेबर सरकार के दो प्रमुख आधिकारी शिक्षा के मिलानी जॉनसन और स्कूलों के स्टीफ़न ट्विग्ग हार गए हैं.

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