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मैंने जनता से सीख ली है: ब्लेयर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने संसदीय चुनाव में ऐतिहासिक सफलता पाने के बाद कहा है कि वह जनता की प्राथमिकताओं पर ध्यान देंगे. वह लगातार तीसरी बार सत्ता में आने वाले पहले लेबर पार्टी नेता हैं. ब्लेयर ने कहा कि चुनावों के दौरान जनता के बीच जाकर उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला है. उन्होंने कहा, "चुनावों के बारे में एक अच्छी बात ये है कि आप लगातार कई सप्ताह तक जनता के बीच जाकर उनसे मिलते हैं. मैंने उनकी सुनी और सीख ली है." ब्लेयर ने कहा, "मैं समझता हूँ अब मुझे अच्छी तरह पता है कि जनता इस सरकार के तीसरे कार्यकाल से क्या अपेक्षा रखती है." शुक्रवार को उन्होंने महारानी एलिज़ाबेथ से मिलकर नई सरकार के गठन की औपचारिक अनुमति ली. ब्लेयर ने माना कि ब्रितानी समाज इराक़ मुद्दे पर बँटा हुआ है, लेकिन कहा कि उन्हें विश्वास है कि लोग अब इस मुद्दे को पीछे छोड़ना चाहते हैं. प्राथमिकताएँ उन्होंने अपने तीसरे कार्यकाल में आप्रवासन की समस्या से निपटने, स्कूलों में अनुशासन लाने और असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाने का वायदा किया है. अपने 52वें जन्मदिन पर शुक्रवार को ऐतिहासिक जीत हासिल करने वाले ब्लेयर ने कहा कि तीसरी बार सत्ता में आकर वह गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. टोरी पार्टी पर व्यंग्य करते हुए ब्लेयर ने कहा कि चुनाव के दौरान उनके सामने स्पष्ट हो गया कि ब्रितानी जनता सहनशील है और उसे आप्रवसान को विभाजक मुद्दा बनाया जाना पसंद नहीं है. हालाँकि उन्होंने साथ ही कहा कि जनता आप्रवासन और शरणार्थियों से जुड़ी नीतियों में खामियों से चिंतित है, और उनकी सरकार उन खामियों को दूर करेगी. |
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