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ताइवानी नेता की ऐतिहासिक चीन यात्रा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ताइवान में विपक्ष के नेता लिएन चान ने आठ दिनों की चीन यात्रा शुरू की है. यह 55 वर्षों में ताइवानी राष्ट्रवादी पार्टी कुओमिन्तांग के किसी शीर्ष नेता की पहली चीन यात्रा है. ताइवान में लिएन की चीन यात्रा विवादास्पद साबित हो रही है. मंगलवार को हवाई अड्डे पर लिएन समर्थकों और ताइवानी स्वतंत्रता के पक्षधर राष्ट्रपति चेन शुई बियान के समर्थकों के बीच झड़पें हुई हैं. इन झड़पों में दो व्यक्ति घायल हो गए. विपक्षी नेता लिएन चान इस उम्मीद के साथ चीन जा रहे हैं कि उनकी ऐतिहासिक यात्रा ताइवान जलडमरुमध्य के दोनों और तनाव को कम करने में सहायक होगी. अलगाववाद के ख़िलाफ़ चीनी क़ानून के पारित होने के बाद दोनों पक्षों के संबंध बहुत ज़्यादा ख़राब हो गए हैं. चीन हमेशा से ताइवान को अपना विद्रोही प्रांत बताता रहा है. और, नए क़ानून के अनुसार स्वतंत्रता की घोषणा की स्थिति में ताइवान पर हमला जायज़ होगा. 'शांति यात्रा' लिएन चान ने अपनी चीन यात्रा को एक शांति यात्रा बताया है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया है कि आधी सदी से ज़्यादा की तनातनी के बाद चीन और ताइवान मेलमिलाप की दिशा में बढ़ सकेंगे. उन्होंने कहा, "वास्तविकता के आधार पर हम आगे बढ़ने की उम्मीद करते हैं. मैं समझता हूँ कि कितना ही कम क्यों न हो, मेरी यात्रा परस्पर सहयोग और सकारात्म परिस्थितियों के निर्माण में ज़रूर योगदान करेगी." लिएन के साथ उनकी पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों और सौ से ज़्यादा पत्रकारों का एक दल भी है. लिएन चार शहरों की यात्रा करेंगे और राजधानी बीजिंग में उनकी मुलाक़ात राष्ट्रपति हु जिन्ताओ से होगी. उल्लेखनीय है कि ताइवान की सरकार शुरुआती हिचकिचाहट के बाद अब सावधानी बरतते हुए ही सही, लिएन की यात्रा का समर्थन कर रही है. ताइवानी राष्ट्रपति एन शुई बियान ने कहा है कि यदि विरोधी नेता क़ानून के अनुरूप चलें और बिना सरकार की अनुमति के साथ चीन के साथ कोई समझौता नहीं करें तो उनका समर्थन करने के लिए वे हमेशा तैयार हैं. |
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