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ताइवान में चीन विरोधी प्रदर्शन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ताइवान में लाखों लोगों ने चीन के उस क़ानून के विरोध में प्रदर्शन किया है जिसमें ताइवान पर हमले को वैधता दी गई है. चीन ने पिछले महीने एक क़ानून पारित किया था जिसमें कहा गया है कि ताइवान के ख़ुद को औपचारिक तौर पर स्वतंत्र घोषित करने की स्थिति में चीन उस पर हमला कर सकता है. ताइवान के वरिष्ठ राजनीतिज्ञों ने लोगों से चीन के नए क़ानून का विरोध करने के लिए शनिवार के प्रदर्शन में भाग लेने की अपील की थी. राजधानी ताइपेई में 10 अलग-अलग विरोध जुलूस निकाले गए. ऐसा चीन के नए क़ानून की 10 धाराओं के विरोध के लिए किया गया. प्रदर्शनकारियों हाथों में 'शांति' और 'आत्मसमर्पण नहीं' लिखे बैनर थे. ताइवान के चीन संबंधी मामलों के अधिकारी जोसेफ़ वु ने कहा है कि व्यापक विरोध प्रदर्शनों का उद्देश्य दुनिया को ये बताना है कि ताइवान ख़ुद को ख़तरे में घिरा पा रहा है. उन्होंने कहा, "हम चीनी पक्ष को भी दिखाना चाहते हैं कि हम चीनी क़दम से नाराज़ हैं. हम ये बताना चाहते हैं कि नए क़ानून ने ताइवान और चीन के बीच शांति वार्ताओं की संभावनाओं को कम किया है." |
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