BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मंगलवार, 08 मार्च, 2005 को 08:15 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
चीन में नए क़ानून का प्रस्ताव
चीनी सेना
दुनिया की बड़ी सेनाओं में गिनती होती है चीनी सेना की
चीन ने पहली बार एक ऐसे क़ानून का प्रस्ताव किया गया है जिसके तहत उसे ताइवान के ख़िलाफ़ बल प्रयोग करने की अनुमति मिल जाएगी.

इसके तहत चीन ताइवान के ख़िलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है अगर ताइवान को शांतिपूर्वक तरीकों से चीन में शामिल करने का प्रयास विफल हो जाए.

चीन ताइवान को ऐसा प्रांत मानता है जो उससे अलग है. चीन ने बार बार चेतावनी दी है कि अगर ताइवान ने और अधिक आज़ादी मांगी तो उस पर हमला किया जा सकता है.

बीबीसी के बीजिंग संवाददाता का कहना है कि किसी को भी इस क़ानून में कुछ भी स्पष्ट पता चल पाने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए क्योंकि संसद में इस क़ानून के बारे में जो भी बताया गया है वह बहुत कम और अस्पष्ट है.

संवाददाता का कहना है कि क़ानून में यह तक नहीं बताया गया है कि ताइवान के ख़िलाफ़ किन परिस्थितियों में बल प्रयोग किया जा सकता है.

इस क़ानून को लेकर कई महीनों से कयास लगाए जा रहे थे लेकिन चीनी नेताओं ने इसके बारे में बहुत ही गुप्त रवैया अपना रखा था.

1949 में ताइवान ने खुद को चीन के मुख्य भूभाग से अलग कर लिया था.

ताइवान के नेताओं ने चीन के इस क़ानून पर कड़ी आपत्ति ज़ाहिर की है. उनका कहना है कि यह क़ानून ताइवान की संप्रभुता की अनदेखी करता है और क्षेत्र में तनाव बढ़ाता है.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>