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जियांग झेमिन ने हू जिंताओ को पद सौंपा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन के पूर्व राष्ट्रपति जियांग झेमिन ने देश के शक्तिशाली केंद्रीय सैनिक आयोग या सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के प्रमुख का पद छोड़ दिया है. अब ये पद वर्तमान राष्ट्रपति हू जिंताओ सँभालेंगे और विश्लेषक मान रहे हैं कि इससे उनकी संपूर्ण नेतृत्व की छवि और सुदृढ़ होगी. कम्युनिस्ट पार्टी की उच्च स्तरीय बैठक के बाद ये घोषणा की गई और इस तरह ये 1949 की क्रांति के बाद पहली बार शांतिपूर्ण ढंग से सत्ता का हस्तांतरण हुआ है. विश्लेषकों के अनुसार इससे नीतियों में कुछ परिवर्तन की अपेक्षा की जा सकती है. बीजिंग में मौजूद बीबीसी संवाददाता लुइसा जिम के अनुसार हू और जियांग के बीच एक तरह का सत्ता संघर्ष चल रहा था. सत्ता का ये हस्तांतरण 2002 में शुरू हुआ था जबकि उन्होंने पार्टी प्रमुख का पद छोड़ दिया था. मगर सुरक्षा और विदेश नीति जैसे मसलों पर जियांग झेमिन की पकड़ अब भी थी क्योंकि चीन की सेना के प्रमुख का पद उन्हीं के पास था. इसके बाद पिछले कुछ महीनों से ये भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि जियांग झेमिन की तबियत ठीक नहीं है. उनके पद छोड़ने के फ़ैसले का ताइवान में भी अधिकारियों ने स्वागत किया है. |
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