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भ्रष्टाचार से निपटने के लिए चीन में बैठक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन में कम्युनिस्ट पार्टी के नेता देश में बढ़ते भ्रष्टाचार से निपटने के तरीक़ों पर विचार-विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक कर रहे हैं. पार्टी की 198 सदस्यीय केंद्रीय समिति सरकार के कामकाज में सुधार के तरीक़ो पर चर्चा करेगी. ऐसी भी अटकलें लगाई जा रहीं हैं कि राष्ट्रपति हू जिंताओ और सैनिक प्रमुख जियांग ज़ेमिन के बीच सत्ता का संघर्ष चल रहा है. लेकिन पार्टी की इस महत्वपूर्ण बैठक से एक दिन पहले राष्ट्रपति हू जिंताओ ने यह भी स्पष्ट कर दिया था कि वे पश्चिमी तरीक़े के राजनीतिक सुधारों के ख़िलाफ़ हैं. उन्होंने कहा कि अगर चीन ने पश्चिमी राजनीतिक व्यवस्था का अनुसरण किया तो देश 'अंधी गली' में चला जाएगा. वर्ष 2002 से सत्ता संभाल रहे जिंताओ चाहते हैं कि लोगों की ज़रूरतों के प्रति पार्टी को ज़िम्मेदार बनाया जाए और भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ क़दम उठाए जाएँ. लेकिन जानकारों का कहना है कि जिंताओ ने व्यापक राजनीतिक सुधारों में रुचि नहीं दिखाई है. कम्युनिस्ट पार्टी की इस महत्वपूर्ण बैठक से पहले राजधानी बीजिंग में पुलिस ने उन हज़ारों लोगों को हिरासत में ले लिया है जो वहाँ न्याय के लिए गुहार लगाने आए थे. बीजिंग स्थिति बीबीसी संवाददाता का कहना है कि स्थानीय अदालतों की शिकायत लेकर जितनी संख्या में लोग बीजिंग में पहुँच रहे हैं उससे चीनी नेताओं की चुनौतियों का अंदाज़ा हो जाता है. चार दिनों तक चलने वाली कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक पर लोगों की इसलिए भी नज़र है क्योंकि वे जानना चाहते हैं कि पूर्व राष्ट्रपति जियांग ज़ेमिन केंद्रीय सैनिक आयोग के अध्यक्ष पद को छोड़ते हैं या नहीं. ज़ेमिन पर यह पद छोड़ने के लिए लगातार दबाव बढ़ रहा है लेकिन जानकारों को कहना है कि उन्हें नहीं लगता कि ज़ेमिन दबावों में आ जाएँगे. क्योंकि अगर ज़ेमिन ने त्यागपत्र दिया तो राष्ट्रपति जिंताओ और मजबूत होकर निकलेंगे. |
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