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चीन महिला अंतरिक्ष यात्री भेजेगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पिछले वर्ष अपने पहले नागरिक को अंतरिक्ष यात्रा पर भेजने के बाद चीन अब अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में एक नया मुक़ाम हासिल करने की कोशिश कर रहा है. अमेरिका, जापान तथा दूसरे देशों की तरह चीन अब अपने देश की पहली महिला को अंतरिक्ष में भेजने की कोशिश शुरू कर रहा है. चीन में अगले साल से हाईस्कूलों में ऐसी युवतियों की खोज की जाएगी जिसे अंतरिक्ष भेजा जा सके. चीन की सरकारी एजेंसी ज़िन्हुआ के अनुसार सबसे पहली महिला अंतरिक्ष यात्री को पहले वायुयान उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जाये. इसके बाद उसे अंतरिक्ष यानों को उड़ाने के लिए प्रशिक्षित किया जायेगा. चीन ने पिछले वर्ष अक्तूबर में अपना पहला अंतरिक्ष यात्री भेजा था. इसके बाद से ही उसने मानवयुक्त दूसरे अंतरिक्ष यान को भेजने की तैयारी शुरु कर दी जिसे अगले वर्ष अंतरिक्ष भेजने की योजना है. चीन में महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करनेवाली संस्था अखिल चीनी महिला संगठन ने माँग की थी कि महिलाओं को भी अंतरिक्ष में भेजा जाना चाहिए. समझा जाता है कि उनकी इन्हीं कोशिशों के बाद सरकार ने महिला अंतरिक्ष यात्री की तलाशी का काम शुरू करने की योजना बनाई है. मगर लगता नहीं कि चीन सरकार के फ़ैसले से महिलाओं के लिए समान अधिकारों की महिला संगठनों की कोशिश बहुत कामयाब हो पाएगी. प्रारंभिक समाचारों के अनुसार अंतरिक्ष में जाने वाली पहली महिला अंतरिक्ष यात्री को खोज कार्य तो करने दिया जायेगा परंतु उस अंतरिक्ष अभियान का चालक पुरुष सहयात्री ही होगा. चीनी अंतरिक्ष अभियान से जुड़े अधिकारी हुंग चुंपिंग के अनुसार अगले वर्ष चीन का दूसरा मानवयुक्त अंतरिक्ष अभियान शुरू होगा. ये अभियान पाँच दिनों का होगा जिसमें दो अंतरिक्ष यात्री जाएँगे. उन्होंने बताया कि चीन 2010 तक अंतरिक्ष में अपनी अंतरिक्ष प्रयोगशाला स्थापित करना चाहता है और इसके पाँच साल बाद चीन अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करना चाहता है. |
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