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जापान और चीन के शीर्ष नेता मिले | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन के राष्ट्रपति हू जिनताओ ने जापान के प्रधानमंत्री जुनीचिरो कोईजुमी से मुलाक़ात के बाद अपील की है कि जापान अपने " युद्धकालीन इतिहास" पर गंभीरता से विचार करे और सरकार की माफ़ी पर अमल भी करे. इस मुलाक़ात के बाद कोईजुमी ने संक्षिप्त टिप्पणी करते हुए कहा कि मंत्री हू जिनताओ के साथ विवादों के बारे में उनकी "बहुत अच्छी" बातचीत हुई है. जापान और चीन के बीच पिछले कुछ अर्से से जापान में छपी नई पाठ्यपुस्तकों को लेकर विवाद चल रहा है. जिनताओ ने कहा कि दोनों देशों के बीच विवाद को बातचीत से सुलझाया जाएगा. जिनताओ ने कहा कि हाल में जापान का व्यवहार आक्रामक रहा है और उसे इस संबंध में कड़े कदम उठाने होंगे. उन्होंने कहा " जापान को कुछ भी ऐसा नहीं करना चाहिए जिससे चीनी या एशियाई लोगों की भावनाएं आहत होती हों. जापान को ताइवान की स्वतंत्रता का समर्थन भी नहीं करना चाहिए क्योंकि वो जापान का एक प्रांत है. " दोनों नेता इंडोनेशिया में एफ़्रो-एशियाई देशों के शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं जिसमें इस विवाद की छाया प्रमुखता से हावी रही. दोनों देशों के बीच विवाद का केंद्र जापान में हाल ही में पाठ्यक्रम में शामिल की गई नई किताबें हैं जिनमें चीन के अनुसार युद्ध के समय जापान के अत्याचारों की लीपापोती की गई है. जकार्ता में बीबीसी संवाददाता एंड्रयू हार्डिंग का कहना है कि दोनों देशों के बीच अच्छा खासा व्यापार होता है और संभवत इसी को ध्यान में रखकर दोनों देश विवादों को सुलझाने में लग गए हैं. जापानी प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को सम्मेलन में एक बार फिर कहा कि जापान को दूसरे विश्वयुद्ध पर बेहद अफ़सोस है. उन्होंने सम्मेलन में कहा,"जापान ने अतीत में अपने औपनिवेशिक शासन और दूसरे देशों पर कब्ज़े करने के प्रयास में कई देशों के लोगों को भारी क्षति पहुँचाई जिनमें एशियाई देश प्रमुख हैं". कोइजुमी ने कहा,"जापान बिना लाग-लपेटे के विनम्र भाव से इन ऐतिहासिक तथ्यों का सामना करता है". जापान की क्षमायाचना में जो कुछ कहा गया है वह बिल्कुल उसके पिछले बयानों के अनुरूप है. मगर विश्लेषकों की राय में अंतरराष्ट्रीय बैठक के कारण उसके ताज़ा बयान का वज़न बढ़ गया लगता है. जकार्ता में मौजूद बीबीसी के संवाददाता टिम जॉन्स्टर का कहना है कि जापान की ये क्षमायाचना से चीन की नाराज़गी थोड़ी कम कर सकती है. |
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