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ख़लीलज़ाद होंगे इराक़ में अमरीका के दूत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने अफ़ग़ानिस्तान में अपने राजदूत ज़ल्मे ख़लीलज़ाद को इराक़ में अपना अगला राजदूत बनाने का फ़ैसला किया है. अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि ख़लीलज़ाद ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने साबित किया है कि वे अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी परिणाम हासिल कर सकते हैं. इराक़ में अमरीका के दूत जॉन नेग्रोपोंटे को अमरीका में ख़ुफ़िया विभागों के बीच तालमेल करने के लिए सुरक्षा निदेशक बनाने की घोषणा के बाद से ख़लीलज़ाद के इराक़ जाने की चर्चा हो रही थी. पिछले 16 महीनों से वे अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका के राजदूत थे और 2001 में अफ़ग़ानिस्तान से तालिबान की सत्ता के पतन के बाद वहाँ अमरीका के विशेष दूत रहे थे. ज़ल्मे ख़लीलज़ाद ने कहा है कि एक सफल इराक़ के निर्माण में समय लगेगा और ये काम आसान नहीं होगा. ख़लीलज़ाद अफ़ग़ान मूल के अमरीकी हैं और उन्हें मध्य पूर्व और सैन्य मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है. बुश प्रशासन की ओर से नामाँकन के बाद अब उनके नाम पर अमरीकी संसद की मुहर लगनी है जिसके बाद वे नया दायित्व ग्रहण कर सकते हैं. राष्ट्रपति का चुनाव इस बीच इराक़ में बुधवार को एक बार फिर संसद की बैठक होगी जिसमें राष्ट्रपति और दो उपराष्ट्रपतियों का चुनाव किया जाएगा. इराक़ में चुनाव जनवरी में ही हुए थे मगर मतभेदों के कारण सरकार अभी तक गठित नहीं हो सकी है. लेकिन रविवार को अंतरिम संसद ने सुन्नी नेता हाज़िम अल हसनी को स्पीकर चुन लिया जिससे सरकार बनने की राह का एक बड़ा अवरोध समाप्त हो गया. समझा जा रहा है कि अब जल्दी ही राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपतियों को भी चुन लिया जाएगा जिससे वहाँ सरकार का गठन किया जा सके. |
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