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हिंदी और वेल्श में है काफ़ी समानताएँ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया के दो सूदूर प्रदेशों में बोली जाने वाली भाषाओं के बीच समानता हो तो आश्चर्य होना स्वाभाविक है. हिंदी और वेल्श के बीच भी समानता दिखाई देती है. बीबीसी संवाददाता सोनिया माथुर को इस समानता का अहसास हुआ तो उन्होंने इस पर काम करना शुरु किया और भाषाविदों से अनुरोध किया है कि वे समानता की इस गुत्थी को सुलझाने में सहयोग दें. भारत से पाँच हज़ार मील दूर वेल्स में जब सोनिया माथुर पहुँचीं तो उन्होंने पाया कि स्थानीय वेल्श भाषा और हिंदी में काफी समानताएँ हैं. इस बात की जानकारी बहुत पहले से थी कि दोनों भाषाएं इंडो यूरोपियन भाषा से निकली हैं, दोनों भाषाओं के अंग्रेज़ी उच्चारण भी आश्चर्यजनक रुप से समान हैं. सोनिया माथुर का कहना है, “लेकिन ऐसा क्यों है यह जानने के लिए अभी तक किसी ने ठीक तरह से तुलनात्मक अध्ययन नहीं किया है.” बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के एक कार्यक्रम के दौरान सोनिया माथुर ने कहा, “ मैं उम्मीद करती हूँ कि जिस तरह से कुछ इधर, कुछ उधर से खोज कर मैं अध्ययन में जुटीं हूँ, उसी तरह से भाषाविदों के साथ मिल कर इस दिशा में सही रुप से खोजबीन की जा सकती है.” भाषा का भ्रम सोनिया माथुर का कहना है कि जब मैं वेल्स पहुँची तो मेरे उच्चारण से सभी को लगता था कि मैं वेल्स की ही रहने वाली हूँ. फ़ोन पर बातचीत के दौरान 'हैलो' कहते ही मुझसे पूछा जाता था कि मैं वेल्स के किस हिस्से में रहती हूँ, और फिर मुझे बताना पड़ता था कि मैं वेल्स नहीं बल्कि भारत की रहने वाली हूँ.
भाषा की इस गुत्थी में सोनिया की रुचि बढ़ती गई और उन्होंने बहुत से ऐसे लोगों से बातचीत की जिनकी मातृभाषा हिंदी थी. ऐसे ही एक हिंदीभाषी डाक्टर से बातचीत से दौरान उन्होनें बताया कि जब वो फ़ोन पर किसी से बात करते हैं, तो दूसरी तरफ़ से लोग वेल्श भाषा में बात करना शुरु कर देते हैं. सोनिया माथुर का मानना था कि ऐसा संयोगवश नहीं हो रहा और अगर अधिक खोजबीन की जाए तो निश्चित रुप से कुछ और जानकारी सामने आ सकती है. समानता दोनों भाषाओं के उच्चारण में जिस तरह से शब्द के आख़िरी हिस्से पर ज़ोर दिया जाता है और शब्द के सभी अक्षरों का उच्चारण किया जाता है उससे दोनों भाषाओं में समानता का पता चलता है. यह हैरानी की बात है कि दो भिन्न प्रदेशों के लोगों की भाषा में ऐसी समानता है. दोनों भाषाओं के उच्चारण ही नहीं बल्कि शब्दावली में भी बहुत सी समानताएं हैं. सोनिया को पता लगा कि हिंदी में गिनती के कुछ अंक वेल्श में भी लगभग उसी तरह से बोले जाते हैं. जैसे हिंदी के अंक सात को वेल्श में ‘साएथ ’ और अंक नौ को वेल्श में भी ‘नौ’ ही बोला जाता है. सोनिया का कहना है कि ऐसे ही कई उच्चारणों ने मेरा ध्यान खींचा और मुझे लगा कि यह केवल संयोग ही नहीं है. सोनिया ने बाद में कार्डिफ़ विश्विद्यालय के भाषाविद प्रोफेसर कॉलिन विलियम्स से बातचीत की. प्रोफेसर कॉलिन का मानना है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि दोनों ही भाषाएं आदियूरोपीय भाषा से निकलीं हैं. सोनिया ने पाया कि सेलटिक, लेटिन और संस्कृत भाषाएं भी आदियूरोपीय भाषा से निकलीं हैं, और वेल्श और हिंदी के बीच का सबंध मूलरुप से यहीं से शुरु होता है. |
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