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हिंदी के शब्द अब ऑक्सफोर्ड शब्दकोष में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हिंदी भाषा के कई शब्दों को अब अंग्रेज़ी शब्दकोष में जगह दी जा रही है. दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित ऑक्सफ़ोर्ड अंग्रेज़ी शब्दकोष के नए संस्करण में हिंदी के कई नए शब्द जुड़ेंगे. इनमें प्रमुख हैं - अच्छा, आलू, अंग्रेज़, अरे, बदमाश, छी:छी:, चढ्ढी, देसी, फ़िल्मी, गोरा, जंगली, यार आदि. रीडिंग यूनिवर्सिटी के भाषाविद अरफ़ान ख़ान ने यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूकासल में हुए एक सम्मेलन में दर्शकों से कहा कि एक नई तरह की भाषा का उदय हो रहा है. यॉर्क विश्वविद्यालय में अंग्रेज़ी पर भारतीय भाषाओं के प्रभाव पर शोध कर रहे भाषाविद महेंद्र वर्मा का कहना है, "जैसे-जैसे भारतीय यहाँ आकर बसने लगे और उनकी दुकानें, रेस्तराँ और होटल वग़ैरा खुलने लगे तो अंग्रेज़ों ने वहाँ जाना शुरू किया. "वहाँ जो सब्ज़ियों के नाम लिखे होते थे उनसे वो प्रभावित हुए. उनका प्रभाव इतना पड़ा कि ब्रिटेन के टेस्को, सैंसबरीज़, सेफ़वे जैसे लोकप्रिय सुपरस्टोरों में वो उनका अनुवाद करने की चेष्टा नहीं करते." यानी कहा जा सकता है कि केवल भारतीय मसालों ने ही इंग्लैंड के रसोईघरों में सेंध नहीं लगाई है बल्कि भारतीय भाषा ने भी उनकी बोलचाल को प्रभावित किया है. इसका सबसे बड़ा श्रेय जाता है ब्रिटेन में बसे भारतीय युवाओं को जिन्होंने इन शब्दों को ब्रिटेन की आम बोल-चाल का हिस्सा बना दिया है. लेस्टर या बर्मिंघम जैसी जगहों में तो अच्छा, अरे जैसे शब्द आसानी से समझ लिए जाते हैं. चलन में बर्मिंघम में हुए एक अध्ययन में कई क्लबों के पंजाबी सिखों और अंग्रेज़ युवाओं से बात की गई. इस अध्ययन में पता चला कि अंग्रेज़ युवा पंजाबी गालियों का बढ़चढ़कर इस्तेमाल कर रहे हैं और कई हिंदी शब्द भी सभी आसानी से समझ लेते हैं. फिर जैसे भारत में गुलज़ार साहब ने चढ्ढी शब्द को मोगली के गाने में पिरो दिया, वहीं ब्रिटेन में एक चर्चित लेखिका और अभिनेत्री मीरा स्याल ने अपने मशहूर हास्य सीरियल 'द कुमार्स एट 42' में चढ्ढी शब्द का इतना प्रयोग किया कि उसने ऑक्सफोर्ड शब्दकोष का ध्यान खींच लिया. जहाँ भारतीय व्यंजनों ने बाल्टी, टिक्की, पुलाव जैसे शब्दों को ब्रिटेन में आम बना दिया है, वहीं भारतीय संगीत ने भंगड़ा, मुजरा और ग़ज़ल जैसे शब्दों को उनमें जोड़ दिया है. फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बॉलीवुड फ़िल्मों की लोकप्रियता ने सभी जगह हिंदी के कई शब्दों को मशहूर किया है. ख़ासतौर पर हिंदी की 'साला' जैसी कई गालियाँ तो लोग बोलने-समझने लगे हैं. कॉलिंस शब्दकोष के मुख्य संपादक जेरेमी बटरफ़ील्ड का मानना है कि ये एक बढ़ता चलन है. वो कहते हैं, "अगर नए शब्द ज़्यादा इस्तेमाल किए जाएंगे तो उन्हें शब्दकोश में शामिल किया जाना लाज़मी ही है. और जब वो शब्दकोष में सम्मिलित हो जाते हैं तो वो भाषा का हिस्सा बन जाते हैं." जिस तरह ब्रिटेन के समाज में विभिन्न संस्कृतियों का समन्वय हो रहा है उसे देखते हुए ये कहा जा सकता है कि अगले 50 सालों में अंग्रेज़ी में इस द्वीप पर रह रहे लोगों की विभिन्न भाषाओं के शब्द शामिल जाएंगे." हिंदी और अंग्रेज़ी भाषाओं के मेल का ये कोई पहला उदाहरण नहीं है. इससे पहले भी कई एशियाई शब्द अंग्रेज़ी में जुड़े चुके हैं. बंगला, बैंगिल्स, चीता, गांजा, शैम्पू और ठग जैसे शब्द एशिया की ही देन हैं. तो फिर अगली बार अगर किसी 'गोरे' के सामने 'बदमाश', 'जंगली' या 'साला' शब्द का प्रयोग करें - तो ज़रा संभल कर. |
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