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ईरान ने और रियायतों की माँग की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रमों के विवाद को निपटाने के लिए अमरीका से और रियायतों की माँग की है. एक वरिष्ठ ईरानी वार्ताकार ने बीबीसी से कहा है कि अमरीका को ईरानी संपत्ति पर लगी रोक हटानी चाहिए, आर्थिक प्रतिबंध हटाने चाहिए और उसके ख़िलाफ़ इस्तेमाल हो रहे शत्रुतापूर्ण उपायों'को बंद करना चाहिए. उल्लेखनीय है कि अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यु बुश ने शुक्रवार को अमरीकी नीति में व्यापक बदलाव की घोषणा की थी. बुश ने कहा कि अमरीका इस संबंध में गतिरोध को दूर करने के लिए यूरोपीय देशों के जारी प्रयास को समर्थन देगा और ईरान को आर्थिक फ़ायदा करवाने के लिए भी तैयार है. बुश ने जिन उपायों की चर्चा की थी उनमें उसे 10 साल बाद फिर से विश्व व्यापार संगठन की सदस्यता देने और व्यावसायिक विमानों के कलपुर्जे लेने पर लगी रोक को हटाने जैसे उपाय शामिल थे. लेकिन ईरान ने इस पेशकश को प्रभावहीन बताया और कहा कि वह शांति के लिए किए जानेवाले उपायों के तहत परमाणु तकनीक का इस्तेमाल जारी रखेगा. विवाद अमरीका ईरान पर यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रमों की आड़ में परमाणु हथियार विकसित करने का आरोप लगाता है. ईरान इससे इनकार करता है मगर फ़्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन के साथ हुई बातचीत के बाद उसने यूरेनियम संवर्धन का काम स्थगित कर रखा है. अमरीका और यूरोपीय संघ चाहते हैं कि ईरान टालने की बजाय यूरेनियम संवर्धन को हमेशा के लिए बंद कर दे. उन्होंने धमकी दी है कि अगर ईरान इसके लिए राज़ी नहीं हुआ तो वे उसके ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगवाने के लिए संयुक्त राष्ट्र की शरण में जाएँगे. |
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