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ईरान ने अमरीकी पेशकश ठुकराई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान ने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम बंद करने के बदले आर्थिक प्रोत्साहन देने की अमरीका की नीति को ठुकरा दिया है. ईरानी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, "कोई दबाव, घूस या धमकी ईरान को उसके अधिकार से वंचित नहीं कर पाएगी. ईरान को शांति पूर्ण कार्यों के लिए परमाणु तकनीक इस्तेमाल करने का पूरा अधिकार है." शुक्रवार को ईरान के प्रति अपनी नीति में बड़ा बदलाव करते हुए अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा था कि वे ईरान के परमाणु मामले पर चल रहे विवाद पर यूरोपीय संघ का समर्थन करेंगे. अमरीका की विदेश मंत्री कॉन्डोलिज़ा राइस ने घोषणा की थी कि अमरीका विश्व व्यापार संगठन(डब्लूटीओ) की सदस्यता के लिए ईरान के आवेदन पर आपत्ति नहीं करेगा. राइस ने यह भी घोषणा की थी कि व्यवसायिक विमानों के कल-पुर्जे हासिल करने पर भी अमरीका को ऐतराज़ नहीं होगा. हालाँकि अमरीका पहले यह आरोप लगाता रहा है कि ईरान का यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम परमाणु हथियार बनाने के लिए है. अधिकार ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हामिद रज़ा आसिफ़ी ने पत्रकारों को बताया, "कुछ ग़लतियों को सुधारना और अकारण ईरान पर लगाई गई पाबंदी पर टिप्पणी करने से ईरान अपना अधिकार नहीं छोड़ेगा." आसिफ़ी ने कहा कि असैनिक विमानों के कल-पुर्जे ख़रीदने पर लगाई गई पाबंदी शुरू से ही नहीं लगाई जानी चाहिए थी और जहाँ तक डब्लूटीओ की बात है, संगठन में शामिल होना हर देश का अधिकार है. ईरान इस बात से इनकार करता रहा है कि वह परमाणु हथियार बना रहा है लेकिन फ़्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन से बातचीत के बाद उसने अपना यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम भी रोक दिया है. अमरीका और यूरोपीय संघ का कहना है कि ईरान का क़दम स्थायी होना चाहिए और अगर ईरान ने ऐसा नहीं किया तो संयुक्त राष्ट्र की ओर से उस पर पाबंदी लगाने की पहल की जाएगी. अमरीका के बुश प्रशासन का अब तक यही कहना रहा था कि अपनी अंतरराष्ट्रीय ज़िम्मेदारियाँ पूरी करने के बदले ईरान को कोई इनाम देने का कोई मतलब नहीं है. हाल में अपने यूरोप के दौरे में अमरीकी राष्ट्रपति ने जर्मनी और बेल्जियम में ईरान के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की थी. समन्वय बुश के हाल के दौरे के बाद से ऐसे संकेत उभरने लगे हैं कि ईरान के मामले पर अमरीका और यूरोपीय देशों के बीच समन्वय बढ़ रहा है.
बुश प्रशासन ईरान से बातचीत कर रहे यूरोपीय देशों--ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस से संपर्क बनाए हुए है. अब अमरीकी राष्ट्रपति ख़ुद ही कह रहे हैं कि वे ईरान से बातचीत आगे बढ़ाने को तैयार हैं. जॉर्ज बुश ने कहा, "मुझे इस बात की बहुत ख़ुशी है कि हम और हमारे यूरोपीय साझीदार देश ईरान के मामले में एक ही स्वर में बात कर रहे हैं.'' उनका कहना था,''मैं अपने यूरोपीय दोस्तों के साथ मिलकर ईरान के सामने बिल्कुल स्पष्ट करना चाहता हूँ कि आज़ाद ख्याल दुनिया के देश उसे परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दे सकते." ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमरीका और ईरान के संबंधों में दशकों से चला आ रहा तनाव और गहरा गया था. अमरीका ने कभी भी ईरान के ख़िलाफ़ बलप्रयोग की संभावना से इनकार नहीं किया था. |
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