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ईरान का अमरीकी सरकार पर आरोप | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान ने आरोप लगाया है कि अमरीकी सरकार ने इंटरनेट उपलब्ध कराने वाली एक अमरीकी कंपनी को एक ईरानी समाचार एजेंसी की वेबसाइट से अपना ठेका ख़त्म करने का आदेश दिया है. ईरान का कहना है कि इस इंटरनेट कंपनी के सर्वर पर ही इस समाचार एजेंसी की वेबसाइट चलती है और अमरीकी सरकार ने इस एजेंसी से सर्वर वापस लेने का आदेश दिया. ईरानियन स्टूडेंट न्यूज़ एजेंसी (आईएसएनए) ने कहा है कि इंटरनेट सर्वर मुहैया कराने वाली कंपनी प्लेनेट ने एकतरफ़ा तौर पर ही और बिना कोई कारण बताए ठेका रद्द कर दिया. ईरान सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आरोप लगाया कि इस सारे प्रकरण के पीछे अमरीकी सरकार ही है और इस प्रकरण को मानवाधिकार का उल्लंघन बताया है. ईरान की राजधानी तेहरान में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस प्रकरण के बाद बहुत से लोगों ने यह कहना शुरू कर दिया है कि ईरान को ऐसे मामलों में अन्य देशों पर अपनी निर्भरता को कम करना चाहिए और अपनी ख़ुद की उपग्रह संचार तकनीक विकसित करनी चाहिए. ग़ौरतलब है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर काफ़ी विवाद रहा है और अमरीका ने इस पर ख़ासी चिंता ज़ाहिर की है. ईरान उन तीन देशों में से एक है जिन्हें अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश कई साल पहले "शैतानियत की धुरी" कह चुके हैं. |
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