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ईरान में महिलाएं राष्ट्रपति चुनाव लड़ेंगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान के राष्ट्रपति चुनाव मे अब महिलाएं भी खड़ी हो सकेंगी. पहले ईरान में महिलाओं के राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने पर प्रतिबंध था जिसे हटा लिया गया है. ईरान की सर्वोच्च संस्था शूरा ए निगहबान ने कहा है कि महिलाएं भी अब राष्ट्रपति पद के चुनाव लड़ सकते हैं बशर्ते उनके पास आवश्यक योग्यताएं हों. ईरान में जून के महीने में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कोई महिला इसके लिए उम्मीदवारी कर रही है या नहीं. स्थानीय क़ानून के अनुसार चुनावों में " रिजाल" ही खड़े हो सकते हैं. रिजाल के दोहरे अर्थ हैं और इसका मतलब पुरुष या शख्सियत से लगाया जाता है. देश के टेलीविज़न पर शनिवार को शूरा ए निगहबान के प्रवक्ता ग़ुलाम हुसैन इल्हाम के हवाले से कहा गया कि रिजाल के व्यापक अर्थ में महिलाएं भी इसमें शामिल हैं. इस घोषणा का कोई कारण नहीं बताया गया है. शूरा ए निगहबान न केवल चुनाव संबंधी क़ानून बनाती है बल्कि उम्मीदवार भी खड़े करती है. आने वाले चुनाव वर्तमान राष्ट्रपति मोहम्मद खतामी के दूसरे और अंतिम कार्यकाल का अंत होगा. खतामी को सुधारवादी नेता के रुप में जाना जाता है. वर्तमान संसद में धार्मिक रुप से कट्टरपंथी विचारधारा रखने वालों की बहुलता है . संसद में 11 महिला सांसद हैं. |
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