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'अमरीकी हमले का जवाब दिया जाएगा' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
परमाणु मामलों के प्रमुख ईरानी वार्ताकार ने कहा है कि अगर अमरीका ने उनके देश पर हमला किया तो वह मुक़ाबला करेगा और परमाणु क्षमता हासिल करने के प्रयास तेज़ कर देगा. समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए साक्षात्कार में हसन रूहानी ने कहा कि अमरीका या इसराइल ने अगर ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया तो ईरान जवाबी कार्रवाई करेगा. उन्होंने ये भी चेतावनी दी कि अगर कुछ ध्वस्त किया गया तो ईरान उसका पुनर्निर्माण करेगा और परमाणु कार्यक्रम में तेज़ी लाएगा. मगर रूहानी ने साथ ही ये भी जोड़ा कि उन्हें नहीं लगता कि अमरीका ईरान पर हमला करने का ख़तरा उठाएगा. रूहानी ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि अमरीका ऐसा ख़तरा उठाएगा क्योंकि अमरीका जानता है कि हम ऐसे हमले का मुँहतोड़ जवाब देंगे. अमरीकी हमारी क्षमताएँ बख़ूबी जानते हैं. " रूख़ ईरान ने यूरोपीय संघ के साथ चल रही बातचीत के दौरान परमाणु संवर्धन से जुड़ी अपनी गतिविधियाँ रोक रखी हैं. मगर उसका कहना है कि अब तक उसे इस बातचीत के दौर से निराशा ही मिली है और वो ये दौर कुछ महीनों तक ही जारी रखना चाहता है न कि सालों तक. ईरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षा छोड़ दे इसके लिए यूरोप किसी तरह के पैकेज के ज़रिए उसे लुभाने की कोशिश कर सकता हैं. लेकिन रूहानी के अनुसार अमरीकी प्रतिबंध हटाने या फिर अमरीका की और से सुरक्षा की गारंटी जैसी चीज़ें भी ईरान को संवर्धन कार्यक्रम छोड़ने पर राज़ी करने के लिए काफ़ी नहीं होंगी. अमरीका की विदेश मंत्री कॉन्डोलिज़ा राइस ने कहा है कि ईरान के परमाणु मामले को शांतिपूर्वक सुलझाना चाहती हैं, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से अपील की थी कि वह ईरान पर परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने के लिए दबाव बनाए. |
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