|
ईरान नया प्रस्ताव रखने को तैयार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान का कहना है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर विश्व में बढ़ती चिंता को कम करने के लिए अपनी ओर से प्रस्ताव रखेगा. गुरुवार को वियना में ईरान के प्रतिनिधि फ़्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी के प्रतिनिधियों से मुलाक़ात करेंगे. अंतरराष्ट्रीय परमाणु उर्जा एजेंसी की नवंबर में होने वाली बैठक से पहले तीनों यूरोपीय देश ईरान के लिए समझौता प्रस्ताव तय करने की कोशिश कर रहे हैं. ईरान के विदेश मंत्री कमाल ख़र्राज़ी ने कहा है कि यूरोपीय देशों की ओर से लिखित प्रस्ताव मिल जाने के बाद ही वे अपना प्रस्ताव सामने रखेंगे. अभी ये स्पष्ट नहीं है कि ईरान के प्रस्ताव क्या होंगे, लेकिन देश के सुधारवादी राष्ट्रपति मोहम्मद ख़ातमी लंबे समय से ये कह रहे हैं कि उनका देश दुनिया को यह साबित करने के लिए पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है कि ईरान हथियार कार्यक्रम की ओर नहीं बढ़ रहा है. अधिकार हालांकि उन्होंने ये ज़रूर कहा कि ईरान को परमाणु तकनीक रखने का पूरा अधिकार है और इस अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए. राष्ट्रपति ख़ातमी ने थोड़ा नरम रवैया अपनाते हुए कहा कि ईरान बातचीत और सहयोग के लिए पूरी तरह तैयार है. हालाँकि देश के कुछ अन्य अधिकारियों का रुख़ थोड़ा सख़्त है.
अंतरराष्ट्रीय परमाणु उर्जा एजेंसी में ईरान के प्रमुख प्रतिनिधि हुसैन मुसावियाँ ने कहा कि अगर यूरोप के देश चाहते हैं कि ईरान परमाणु ईंधन भी बनाना बंद कर दे तो बातचीत के सफल होने की कोई उम्मीद नहीं. उन्होंने कहा कि बातचीत का रास्ता हमेशा खुला है लेकिन यह आपस में भरोसा बढ़ाने वाले क़दम के बारे में होना चाहिए. ऐसे संवेदनशील वक़्त पर ईरान ने अपनी सैन्य शक्ति को दर्शाते हुए बुधवार को लंबी दूर तक मार करने वाली मिसाइल का परीक्षण किया. शहाब-3 नाम की इस मिसाइल की पहुँच में ईरान का कट्टर प्रतिद्वंद्वी देश इसराइल भी है और यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||