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ईरान और सीरिया ने बनाया संयुक्त मोर्चा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान और सीरिया ने विदेशों से मिल रही चुनौतियों और धमकियों का सामना करने के लिए संयुक्त मोर्चा बनाने का फैसला किया है. पिछले दिनों अमरीका ने इन दोनों देशों को चेतावनी दी थी कि वे आतंकवादी गतिविधियों को प्रश्रय देना बंद करें. ईरान पर अमरीका ने परमाणु हथियारों का निर्माण करने के गंभीर आरोप लगाए हैं. इस बीच ईरान के परमाणु ठिकानों में विस्फोट की अपुष्ट ख़बरें आई हैं. सीरिया के साथ संयुक्त मोर्चे के बारे में ईरान के उपाध्यक्ष मोहम्मद रेज़ा आरिफ़ ने सीरिया के प्रधानमंत्री नाजी अल ओतारी से मुलाक़ात के बाद कहा " हम सभी स्तर पर सीरिया को मदद करने के लिए तैयार हैं ताकि वो धमकियों का सामना कर सकें. " पिछले दिनों लेबनान की राजधानी बेरुत में हुए आत्मघाती विस्फोट में पूर्व प्रधानमंत्री राफिक हारिरी की हत्या के बाद अमरीका ने सीरिया पर दबाव और बढ़ा दिया है. अमरीका ने सीरिया से अपने राजदूत को भी वापस बुला लिया है. लेबनान के कई नेता हारिरी की मौत के लिए सीरिया को ज़िम्मेदार मानते हैं लेकिन सीरिया की सरकार ने हारिरी की हत्या में किसी भी तरह से संलग्न होने की ख़बरों का खंडन किया है. जासूसी के आरोप ईरान के टेलीविज़न पर दी जा रही रिपोर्टों की स्वतंत्र सूत्रों से पुष्टि नहीं की रही है लेकिन ईरान ने अमरीका पर उसके परमाणु ठिकानों की जासूसी करने का भी आरोप लगाया है. ईरान की खुफ़िया मामलों के मंत्री अली युनेशी का कहना है कि ईरान के आकाश पर कई चमकती वस्तुएं देखी गई हैं जो अमरीका के चालक रहित जासूसी विमान हो सकते हैं. पिछले हफ्ते वाशिंगटन पोस्ट ने ख़बर दी थी कि अमरीका कई महीनों से ईरान में जासूसी का काम कर रहा है और यह काम इराक से किया जा रहा है. ईरान हमेशा से कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है लेकिन अमरीका का कहना है कि ईरान परमाणु हथियार बना रहा है. |
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