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परमाणु कार्यक्रम जारी रखेगा ईरान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान पर बढ़ते हुए अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच राष्ट्रपति मोहम्मद ख़ातमी ने कहा है कि ईरान किसी क़ीमत पर अपनी परमाणु प्रौद्योगिकी पर जारी काम नहीं छोड़ेगा. पिछले एक हफ्ते से अमरीका और ईरान के बीच इस मुद्दे पर वाकयुद्ध चल रहा है जिसमें पहली बार ख़ातमी ने भी अपना बयान दिया है. ख़ातमी ने अमरीकी बयानबाजी को मनोवैज्ञानिक युद्ध की संज्ञा देते हुए कहा है कि अगर ऐसे बयान बंद नहीं हुए तो ईरान अपना रवैया बदलेगा जो किसी के हित में नहीं होगा. ख़ातमी ने यह भी कहा कि अगर ईरान के साथ पक्षपातपूर्ण बर्ताव हुआ तो इसके गंभीर परिणाम सामने आएंगे. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है. अमरीका हमेशा ये कहता रहा है कि ईरान इन कार्यक्रमों की आड़ में परमाणु हथियार बना रहा है. तेहरान में विदेशी राजनयिकों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए ख़ातमी ने कहा " हम यह गारंटी देते हैं कि परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे क्योंकि हम इसके ख़िलाफ़ हैं और मानते हैं कि परमाणु हथियार किसी शक्ति का स्त्रोत नहीं. लेकिन हम अपने परमाणु कार्यक्रम को बंद नहीं करेंगे." अमरीकी रुख अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने वाशिंगटन में कहा था कि परमाणु हथियारों से लैस ईरान दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा हो सकता है और पूरी दुनिया को इसके ख़िलाफ मिलकर काम करना चाहिए.
पिछले एक हफ्ते में यूरोप और मध्य पूर्व के दौरे पर आई विदेश मंत्री कोंडोलिसा राइस ने कई बार ईरान के बारे में ऐसे ही बयान दिए हैं. उन्होंने कहा कि अमरीका ने ईरान के मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ले जाने के लिए कोई समयसीमा तय नहीं की है और फिलहाल कूटनीतिक हल निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं. इस बीच जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन, जिनेवा में ईरान के साथ बातचीत कर रहे हैं. ईरान ने फिलहाल यूरेनियम का संवर्धन रोक दिया है. संवर्धित यूरेनियम का इस्तेमाल शांतिपूर्ण कार्यों और हथियार बनाने के लिए किया जा सकता है. अपने भाषण में ख़ातमी ने स्पष्ट किया कि यूरेनियम संवर्धित करना ईरान का अधिकार है और ईरान ने सदभावना प्रदर्शित करते हुए संवर्धन का काम रोक दिया है. उन्होंने कहा " अगर हमें लगता है कि हमसे किए गए वादे पूरे नहीं किए गए तो हम भी अपने वादों पर कायम नहीं रहेंगे." ख़ातमी ने कहा " हम नई नीति अपनाएंगे. जिसके परिणाम गंभीर होंगे और यह उनकी ज़िम्मेदारी होगी जो अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं कर रहे हैं. " यूरोपीय देश कोशिश कर रहे हैं कि ईरान को यूरेनियम संवर्धन का काम बंद करने के एवज़ में एक बेहतर आर्थिक पैकेज दिया जाए. लेकिन ईरान का कहना है कि अभी तक उन्हें जो प्रस्ताव मिले हैं वो पर्याप्त नहीं हैं. ईरान का कहना है कि वो सालों तक बातचीत नहीं कर सकता. कुछ महीने वार्ता के लिए दिए जा सकते हैं. |
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