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मस्जिद में धमाका, 46 की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के उत्तरी शहर मूसल की एक शिया मस्जिद में जनाज़े के दौरान हुए धमाके के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 46 हो गई है. अस्पताल के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है. इस ज़बरदस्त बम धमाके में 90 लोग घायल हैं जिनमें से कई की स्थिति गंभीर बनी हुई है. आत्मघाती बम धमाका उस समय हुआ जब मस्जिद के अंदर स्थित एक हॉल में लोग शोक मनाने के लिए जुटे थे. अमरीकी सैनिकों ने मस्जिद के आसपास के इलाक़े को घेर लिया है. मूसल में सुन्नी मुसलमानों की संख्या ज़्यादा है और इराक़ी अधिकारी सुन्नी विद्रोहियों पर आरोप लगाते रहे हैं कि वे शिया मुसलमानों को निशाना बना रहे हैं. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाका इतना ज़बरदस्त था कि कुछ समय तक आसपास सिर्फ़ धुआँ ही धुआँ दिख रहा था. धमाके के कारण कारों के शीशे टूट गए. कुर्द बहुल उत्तरी इलाक़े में स्थित मूसल में ज़्यादातर आबादी अरब लोगों की है. पिछले नवंबर से ही मूसल में अमरीकी और इराक़ी सैनिक की विद्रोहियों से कड़ी टक्कर हो रही है. गुरुवार सुबह को एक अन्य घटना में केंद्रीय बग़दाद के एक पुलिस स्टेशन में प्रमुख की गोली मार कर हत्या कर दी गई. इस हमले में दो अन्य पुलिसकर्मी भी मारे गए. |
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