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बुधवार, 09 मार्च, 2005 को 07:51 GMT तक के समाचार
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चेचन विद्रोह जारी रहेगा
बसायेव और मस्कादौफ़
बसायेव ने भी मस्कादौफ़ के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी थीं
चेचन्या के वरिष्ठ अलगाववादी नेता अस्लान मस्कादौफ़ की मौत के बाद भी चेचन विद्रोह जारी रहेगा और जल्दी ही मस्कादौफ़ की जगह नया नेता चुना जाएगा.

मस्कादौफ़ के एक सहयोगी अख़मद ज़कायेव ने लंदन में ये बात कही है. ज़कायेव का कहना है कि कुछ ही दिनों में मस्कादौफ़ के स्थान पर नए नेता का चुनाव कर लिया जाएगा.

1997 में चेचन्या के राष्ट्रपति चुने गए मस्कादौफ़ मंगलवार को रुसी सेना की एक कार्रवाई में मारे गए हैं.

चेचन्या के विद्रोही कमांडरों में सबसे उदार छवि वाले मस्कादौफ़ ने कई बार खुद को आतंकवादी गतिविधियों से अलग कर लिया था और वो चेचन समस्या के समाधान के लिए बातचीत के पक्षधर भी थे.

रुसी टेलीविज़न पर 53 वर्षीय मस्कादौफ़ के शव की तस्वीरें दिखाई जा रही हैं.

ज़कायेव ने कहा " हमारा विद्रोह जारी रहेगा. इसमें कोई शक नहीं है."

उन्होंने बताया कि एक सैन्य समिति मस्कादौफ़ के बाद के नेता का चयन करेगी.

नेता चुनने के संबंध में सैनिक समिति का फैसला सर्वमान्य होगा जब तक कि नेता के लिए चुनाव नहीं कराए जाते.

उन्होंने कहा " कुछ ही दिनों में नए नेता की घोषणा कर दी जाएगी."

ज़कायेव ने यह भी कहा " रुस के लिए मस्कादौफ़ की मौत उनके जीवन से ज़्यादा खतरनाक साबित होगी क्योंकि मस्कादौफ़ शांति की बात कर रहे थे. "

उन्होंने कहा कि रुसी राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन अगर यह सोचते हैं कि मस्कादौफ़ की मौत से चेचन विद्रोह ख़त्म हो जाएगा तो वो ग़लत हैं. यह हमारे लिए बड़ा झटका है लेकिन संघर्ष जारी रहेगा.

वार्ता का आह्वान

सोवियत सेना के जनरल रहे मस्कादौफ़ सोवियत संघ के विघटन के बाद चेचन्या के विद्रोह में शामिल हुए थे और उन्हें रुस ने आतंकवादी घोषित कर रखा था.

1994-96 में रुसी सेनाओं को चेचन विद्रोहियों के हाथों मिली पराजय में मस्कादौफ़ की अहम भूमिका थी. जिसके बाद 1997 में वो चेचन्या के राष्ट्रपति चुने गए.

लेकिन 1999 में पुतिन ने चेचन्या में सेना भेज कर उन्हें अपदस्थ कर दिया.

इसके बाद मास्को के थिएटर में बंधक बनाने और बेस्लान में स्कूली बच्चों को बंधक बनाने की घटनाएं हुई जिसमें कई बेकसूर लोग मारे गए. चेचन विद्रोही नेता शमिल बसायेव ने इनकी ज़िम्मेदारी ली थी.

मस्कादौफ़ ने इन घटनाओं से खुद को अलग रखा था लेकिन रुस उन्हें भी इसका ज़िम्मेदार मानता रहा.

मस्कादौफ़ पूर्व में लगातार रुस के साथ बातचीत की मांग करते रहे हैं. उन्होंने पिछले हफ़्ते भी कहा था कि अगर पुतिन के साथ उनकी 30 मिनट की आमने सामने की वार्ता ठीक से हो तो चेचन्या की समस्या सुलझ सकती है.

रुस ने उनके इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था.

मस्कादौफ़ जिस सैनिक अभियान में मारे गए हैं उसके बारे में कोई ख़ास जानकारी नहीं दी जा रही है लेकिन पुतिन ने कहा है कि इसमें शामिल सैनिकों को पुरस्कृत किया जाएगा.

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