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इराक़ी बंदियों के साथ दुर्व्यवहार में दोषी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के तीन सैनिकों को एक सैनिक अदालत ने इराक़ी क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार का दोषी पाया है. 33 वर्षीय डेनियल केन्यन और 25 वर्षीय मार्क कूली को मई 2003 में बसरा में कैंप ब्रेड बास्केट नाम के एक सैनिक अड्डे पर क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार के दो आरोपों में दोषी ठहराया गया. इन दोनों सैनिकों के अलावा एक तीसरे सैनिक डैरन लार्किन ने भी अपराध स्वीकार किया है जिसे शुक्रवार को दोनों सैनिकों के साथ ही सज़ा सुनाई जाएगी. केन्यन और कूली को दो साल तक की सज़ा हो सकती है जबकि लार्किन को छह महीने जेल में बिताने पड़ सकते हैं. इन ब्रिटिश सैनिकों पर जर्मनी स्थित एक ब्रिटिश सैनिक अड्डे में डेढ़ साल से भी अधिक समय तक मुक़दमा चला जिसके बाद उन्हें सज़ा सुनाई गई. दुर्व्यवहार
इराक़ी क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार की ये घटना प्रकाश में आई एक चौथे सैनिक गैरी बार्टलम की खींची गई तस्वीरों से जिसने स्ट्रैटफ़ोर्डशायर में अपने नेगेटिव डेवलप कराने के लिए दिए थे. अदालत ने पाया कि मार्क कूली ने एक इराक़ी सैनिक को ट्रक में लटकाकर ट्रक चलाया. वहीं डेनियल केन्यन को एक दूसरे सैनिक को एक इराक़ी सैनिक के साथ दुर्व्यवहार के लिए उकसाने और इसकी रिपोर्ट नहीं करने का दोषी पाया गया. दोनों सैनिकों पर कुल नौ आरोप लगे थे जिसमें पाँच मामलों में उन्हें दोषी पाया गया. मुक़दमे के बाद न्यायाधीश ने कहा कि दोषी पाए गए सैनिकों ने ब्रितानी सेना की छवि को ख़राब किया है. |
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