| ब्रितानी सैनिक ने 'आदेश का पालन' किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में नागरिकों के साथ दुर्व्यहार के मामले में आरोप झेल रहे एक ब्रितानी सैनिक ने वकील ने कोर्ट मार्शल के दौरान कहा कि सैनिक सिर्फ़ आदेश का पालन कर रहे थे. 33 वर्षीय डेनियल केनयोन ने दुर्व्यवहार के कई आरोपों से इनकार किया है. इस समय जर्मनी में एक ब्रितानी सैनिक अड्डे पर तीन सैनिकों का कोर्ट मार्शल चल रहा है. डेनियल केनयोन के वकील जोसेफ गिरेट ने कहा कि कथित दुर्व्यवहार के लिए कमांडिंग अधिकारियों को दोषी ठहराना चाहिए जिन्होंने ऐसे आदेश दिए. एक और सैनिक मार्क कोली ने भी आरोपों से इनकार किया है. लेकिन डेरेन लार्किन ने एक मामले में दुर्व्यवहार की बात मानी है लेकिन अन्य आरोपों से इनकार किया है. रॉयल रेजिमेंट ऑफ़ फ़्यूज़िलियर्स के इन तीनों सैनिकों के ख़िलाफ़ दुर्व्यवहार के नौ मामले सामने आए हैं. कहा जा रहा है कि इराक़ी नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार की ये घटना 15 मई 2003 के आसपास बसरा के एक सहायता शिविर ब्रेड बास्केट में हुई. 'दोषी' डेनियल केनयोन के वकील जोसेफ गिरेट ने कथित दुर्व्यवहार के लिए 'ऑपरेशन अली बाबा' को दोषी ठहराया. उन्होंने कोर्ट मार्शल के दौरान कहा, "कैंप कमांडर मेजर डैन टेलर ऑपरेशन अली बाबा के लिए ज़िम्मेदार हैं. उन्होंने ही सैनिकों से कहा था कि खाद्य सामग्री चुराने वाले लुटेरों को पकड़ें और उनके साथ कड़ाई से पेश आए." गिरेट ने कहा कि जिस कारण डेनियल केनयोन को कठघरे में खड़ा किया गया है उसके लिए ज़िम्मेदार वे लोग हैं जिन्होंने ऑपरेशन अली बाबा चलाने का आदेश दिया था. अभियोग पक्ष के वकील लेफ़्टिनेंट कर्नल निक क्लैपम के अनुसार यह आदेश जेनेवा संधि का उल्लंघन है. कोर्ट मार्शल के दौरान अदालत को कथित दुर्व्यवहार की 22 तस्वीरें दिखाई गईं. बुधवार को हाउस ऑफ़ कामंस में प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने दिखाई गई तस्वीरों को भयभीत और स्तब्ध करने वाली बताया. उन्होंने सांसदों को बताया कि जिन परिस्थितियों में ये कथित घटनाएँ हुई, सेना उनकी पूरी जाँच करेगी. लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि इराक़ में मौजूद ब्रितानी सैनिकों के कार्यों की अनदेखी नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा, "इराक़ में काम कर चुके 65 हज़ार से ज़्यादा ब्रितानी सैनिकों में से ज़्यादातर ने श्रेष्ठ काम किया है. उन्होंने साहसिक कार्य किया है और देश को सम्मान दिलाया है." इराक़ में मौजूद ब्रितानी सैनिकों के वरिष्ठ क़ानूनी सलाहकार लेफ़्टिनेंट कर्नल निकोलस मर्सर ने अदालत को बताया कि शुरू से ही सैनिकों को ये सिखाया गया था कि अगर वे किसी तरह की दुर्व्यवहार की घटना देखते हैं तो उसकी शिकायत करें. उन्होंने बताया, "हमने सैनिकों से ये कहा कि आपको इतना नैतिक साहस होना चाहिए कि आप कुछ ग़लत होते देखें, तो आप उसकी शिकायत कर सकें. लेकिन उन्होंने माना कि इराक़ी नागरिकों के साथ हिरासत के दौरान दुर्व्यवहार के कई आरोप सामने आए हैं. तस्वीरें कोर्ट मार्शल के दौरान पेश की गई तस्वीरों में कथित तौर पर सैनिकों को नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार करते हुए दिखाया गया है.
एक तस्वीर में एक ब्रितानी सैनिक एक इराक़ी नागरिक पर खड़े होकर संभवतः उसे पीटते हुए नज़र आता है. एक अन्य तस्वीर में एक नागरिक को एक ट्रक से बाँधकर लटकाया हुआ है और कुछ अन्य तस्वीरों में कुछ इराक़ियों को नग्न अवस्था में दिखाया गया है. सैनिकों पर बसरा के एक राहत शिविर में क़ैदियों को यौन संबंधों के लिए मजबूर करने के आरोपों समेत नौ आरोप लगाए गए हैं. तस्वीरों में ब्रितानी सैनिकों को इराक़ियों के साथ मारपीट करते हुए भी दिखाया गया है. इराक़ की अबू ग़रेब जेल में पिछले साल क़ैदियों के साथ मारपीट और यौन दुर्व्यहार के मामले में अभी कुछ ही दिनों पहले एक अमरीकी सैनिक चार्ल्स ग्रेनर को दस साल की जेल की सज़ा सुनाई गई थी. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||