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इराक़ धमाकों में 30 से ज़्यादा की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ की राजधानी बग़दाद और उसके आसपास के कुछ इलाक़ों में शिया मस्जिदों में हुए आत्मघाती बम धमाकों में 30 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं. इराक़ी सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक़ कम से कम 15 लोग उस समय मारे गए जब एक मस्जिद में नमाज़ के समय आत्मघाती बम हमला हुआ. हमलावर नमाज़ियों में ही शामिल था और उसने मस्जिद में दाख़िल होते वक़्त ही ख़ुद को बम से उड़ा दिया. धमाके के एक चश्मदीद गवाह का कहना था, "मस्जिद के दरवाज़े पर तलाशी के दौरान ही एक व्यक्ति ने ख़ुद को बमों से उड़ा दिया. वहाँ सभी की, यहाँ तक कि बच्चों की भी तलाशी हो रही थी." "उस समय इमाम जुमे की नमाज़ का ख़ुतबा पढ़ ही रहे थे कि विस्फोट हो गया. विस्फोट इतना ताक़तवर था कि कुछ लोगों के अंग इधर-उधर बिखर गए." इसके अलावा उत्तर पश्चिमी बग़दाद में एक शिया जुलूस पर भी हमला किया गया. पश्चिमी बग़दाद की एक मस्जिद में भी धमाका हुआ. बग़दाद के दक्षिणी इलाक़े इस्कंदरिया में एक कार बम धमाके में सात लोगों की मौत हो गई. मोहर्रम के दसवें दिन यानी आशूरा के मद्देनज़र इराक़ में पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी लेकिन इसके बावजूद ये धमाके हुए हैं. इराक़ में ये धमाके ऐसे समय हुए हैं जब इराक़ी राजनीतिक पार्टियाँ नई सरकार के गठन की तैयारी कर रही हैं. जनवरी में हुए चुनाव में शिया गठबंधन पार्टियों को जीत मिली थी. बम धमाका पहले बम हमले में आत्मघाती हमलावर नमाज़ अदा करने आए लोगों में शामिल हो गया. दक्षिण दोउरा ज़िले की इस शिया मस्जिद में धमाका स्थानीय समय के मुताबिक़ दोपहर एक बजे हुआ. एक पुलिस अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरी बेल्ट बाँध रखी थी." बग़दाद के अल यरमूक अस्पताल के एक डॉक्टर अहमद ज़हीर ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि घायलों को कार और ट्रक में ले आया जा रहा है. दोउरा में हुए धमाके के बाद पश्चिमी बग़दाद के एक मस्जिद में धमाका हुआ. पिछले वर्ष आशूरा के समय हुए कई आत्मघाती बम हमलों में कम से कम 181 लोग मारे गए थे. |
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