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इराक़ में शिया गठबंधन को सर्वाधिक सीटें | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में शिया गठबंधन ने नेशनल एसेंबली में सबसे ज्यादा सीटें हासिल की हैं. तीस जनवरी 2005 को हुए चुनाव में इराक़ी गठबंधन को 48 प्रतिशत वोट मिले हैं, इस आधार पर उन्हें 140 सीटें मिली हैं. यह चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधत्व के सिद्धांत पर हुआ है जिसके तहत हर उस गठबंधन या पार्टी को उतनी ही सीटें मिलेंगी जितने प्रतिशत वोट उन्हें नेशनल एसेंबली के चुनाव में मिले हैं. कुर्द पार्टियों को 26 प्रतिशत वोट मिलें हैं जिसके आधार पर नेशनल एसेंबली में उन्हें 75 और अंतरिम प्रधानमंत्री ईयाद अलावी की पार्टी को 40 सीटें मिलेंगी. इराक़ की 275 सदस्यीय नेशनल एसेंबली का काम राष्ट्रपति और दो उप राष्ट्रपतियों का चुनाव करना है, राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति मिलकर एक प्रधानमंत्री नियुक्त करेंगे और मंत्रिमंडल का गठन होगा. सफल चुनाव इराक़ में चुनाव के मामले में संयुक्त राष्ट्र के मुख्य सलाहकार कार्लोस वेलेन्ज़ुएला उन सभी लोगों को बधाई दी है जिन्होंने इस चुनाव को सफल बनाया. इराक़ में कुल रजिस्टर्ड मतदाताओं में से 58 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. कार्लोस वेलेन्ज़ुएला ने कहा, "ये चुनाव बिल्कुल त्रुटिहीन तो नहीं थे क्योंकि ऐसा संभव भी नहीं था लेकिन वे पूरी तरह सफल थे." इराक़ के चुनाव आयोग ने परिणामों की घोषणा 13 फ़रवरी को कर दी, आख़िर के कुछ दिनों में चुनाव आयोग ने शिकायतों के निबटारे पर ध्यान दिया. चुनाव आयोग के प्रवक्ता फ़रीद अयार ने एक टेलीविज़न इंटरव्यू में कहा कि 47 शिकायतें मिली थीं जिनमें से ज्यादातर का निबटारा कर दिया गया है. शिया गठबंधन को इराक़ में शासन चलाने के लिए दो तिहाई बहुमत की ज़रूरत है जिसके लिए उसे कुर्द गुट के साथ गठबंधन बनाना होगा क्योंकि उसे अकेले दो तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया है. बग़दाद से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इराक़ में अंतरिम सरकार के गठन में लंबा समय लग सकता है क्योंकि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री जैसे पदों के अनेक दावेदार सामने आएँगे. |
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