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ईरान की मस्जिद में आग, 59 मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान की राजधानी तेहरान की एक मस्जिद में आग लगने से 59 लोगों की मौत हो गई है और 200 से अधिक लोग झुलस गए हैं. रिपोर्टों में कहा गया है कि तेहरान के मुख्य बाज़ार के बाहर अर्क मस्जिद में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा थे और उसी समय आग लग गई. जिन लोगों के रिश्तेदार आग की लपटों से घिरी मस्जिद के अंदर फँसे थे वे बाहर खड़े बेसब्री से किसी समाचार का इंतज़ार करते रहे. वे अंदर घुसने की कोशिश भी करते रहे जबकि आग लगातार तेज़ होती रही. लेकिन अधिकारियों ने उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी क्योंकि भीड़ की वजह से झुलसे हुए लोगों के प्राथमिक उपचार में बाधा पहुँचने की आशंका थी. बहुत सारे लोग एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल के चक्कर लगाते रहे जहाँ हाथ से लिखी सूची में वे अपने रिश्तेदारों के नाम ढूँढ रहे थे. अभी इस बात की जाँच चल रही है कि आग किस तरह लगी लेकिन माना जा रहा है कि आग किरासन तेल से जलने वाले हीटर के कारण लगी, आग मस्जिद के उस हिस्से से शुरू हुई जहाँ महिलाओं के बैठने का प्रबंध किया गया था. माना जा रहा है कि किसी महिला के ढीले चादर से आग फैलनी शुरू हुई जिसमें प्लास्टिक की चादरों को अपनी लपटों में ले लिया. इसके बाद जलती हुई प्लास्टिक की चादरें लोगों के ऊपर गिरने लगी और भारी अफरातफरी मच गई. सरकारी टीवी चैनल का कहना है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी. बताया गया है कि कुछ लोग भगदड़ के कारण भी घायल हो गए हैं क्योंकि मस्जिद से बाहर निकलने का रास्ता बहुत संकरा था. मुहर्रम का महीना होने के कारण ईरान की मस्जिदों में आम दिनों से अधिक भीड़ इन दिनों होती है इसलिए भी हताहतों की संख्या इतनी अधिक हो गई. |
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