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चुंबन पहुँचा सकता है सलाख़ों के पीछे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंडोनेशिया में बिना विवाह के साथ रहने वाली जोड़ियों और सार्वजनिक स्थानों पर 'चुंबन जैसी हरकत करने वालों' के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है. इंडोनेशिया में नए क़ानून का प्रस्ताव रखा गया है जिसके तहत इन क़ानूनों को तोड़ने वालों को भारी जुर्माना भरना पड़ेगा और कारावास की सज़ा भी हो सकती है. नए कानून की वकालत करने वालों का कहना है कि मौजूदा कानून घिसे-पिटे और असंगत हैं जबकि इनका विरोध करने वालों की तादाद भी कम नहीं है. इंडोनेशिया दुनिया में सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाला देश है और इस तरह के क़ानून कई इस्लामी देशों में लागू हैं. एतराज़ नया क़ानून अगर लागू होता है तो सार्वजनिक स्थानों पर चुंबन के लिए दस वर्ष कारावास की सज़ा हो सकती है और हज़ारों डॉलर का जुर्माना हो सकता है. बिना शादी के साथ रहने वाले जोड़ों को भी दो वर्ष जेल में बिताने पड़ सकते हैं. इस क़ानून के तहत पुलिस को अधिकार होगा कि वह उन घरों पर छापा मार सके जहाँ अविवाहित जोड़ों के रहने का संदेह हो. क़ानून मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है कि यह क़ानून तभी अमल में लाया जाएगा जब किसी की तरफ़ से शिकायत की जाए. प्रवक्ता अब्दुल ग़नी अब्दुल्ला ने कहा, "सार्वजनिक स्थान पर चुंबन उसी हालत में अपराध माना जाएगा जब लोगों को इससे तकलीफ़ हो और वे शिकायत करें. अगर लोगों को एतराज़ नहीं तो कोई कार्रवाई नहीं होगी." अविवाहित जोड़ों के मामले में भी क़ानून इसी तरह काम करेगा, अगर पड़ोसी ने शिकायत की तभी कार्रवाई होगी वर्ना नहीं. अब्दुल्ला ने कहा, "अगर पड़ोसियों को लगता है कि अविवाहित जोड़े के कारण उन्हें परेशानी हो रही है तो वे शिकायत कर सकते हैं." क़ानून की जानकार और महिला अधिकार कार्यकर्ता नुरस्याबानी कातसुंगनका का कहना है कि ये क़ानून अतिवादी हैं और व्यक्ति के अपने शरीर पर बुनियादी अधिकार की अवहेलना करते हैं. इस क़ानून को पारित होने में दो वर्ष लग सकते हैं और इस पर अभी संसद में बहस होनी बाक़ी है. |
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