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भारत और इंडोनेशिया में फिर भूकंप | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और इंडोनेशिया के तटीय क्षेत्रों में सोमवार को कुछ तटीय इलाक़ों में सोमवार को फिर से भूकंप के झटके महसूस किए गए जिससे लोगों में दहशत की लहर दौड़ गई. भारत के अंडमान निकोबार द्वीप समूह में सोमवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं जिनकी तीव्रता 6.3 मापी गई. पुलिस ने कहा है कि जानमाल का तो कोई नुक़सान नहीं हुआ है लेकिन लोगों में भारी दहशत फैल गई और बहुत से लोग इधर-उधर भागते नज़र आए. ग़ौरतलब है कि 26 दिसंबर की सूनामी लहरों से भारत का अंडमान निकोबार द्वीप समूह भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है और वहाँ अब भी राहत कार्य चल रहे हैं. समाचार एजेंसी एपी ने हाँगकाँग के भूगर्भ वैज्ञानिकों के हवाले से ख़बर दी है कि सोमवार को यह भूकंप बंगाल की खाड़ी में दोपहर 12 बजकर 22 मिनट पर आया. एजेंसी के मुताबिक़ हाँगकाँग की भूगर्भ प्रयोगशाला का कहना है इस भूकंप का केंद्र कोलकाता के दक्षिण पूर्व में क़रीब 1740 किलोमीटर दूर था. इंडोनेशिया इंडोनेशिया के आचे प्रांत में भी सोमवार को भूकंप के भारी झटके महसूस किए गए जिनसे एक व्यक्ति की मौत हो गई और कुछ इमारतों को नुक़सान हुआ है. ये झटके सुलावेसी द्वीप में आए इस भूकंप से घबराकर हज़ारों लोग अपने घरों से भाग गए. इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.2 मापी गई और इससे पालू शहर में कुछ इमारतों को नुक़सान हुआ है. स्थानीय लोगों का कहना है कि वे डर गए थे कि इस भूकंप से कहीं फिर से सूनामी लहरों की तबाही शुरू ना हो जाए, जैसी की 26 दिसंबर को हुई थी. ग़ौरतलब है कि 26 दिसंबर को हिंद महासागर में आए भूकंप और उससे उठी सूनामी लहरों की तबाही से अनेक देशों में दो लाख से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं और भारी नुक़सान हुआ है जिससे पूरी दुनिया दहल गई है. |
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