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इराक़ में चुनाव से पहले कड़ी सुरक्षा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में चुनावों से एक सप्ताह पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने और इस ओर कई कदम उठाए जाने की घोषणा की गई है. ये कदम तीस जनवरी को चुनाव के दौरान विद्रोहियों की ओर से हिंसक वारदातों को रोकने के मकसद से उठाए जा रहे हैं. इराक़ के गृह मंत्री फ़लाह अल-नाक़िब का कहना है कि बग़दाद के हवाई अड्डे को दो दिन के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा. कारों और पैदल चलने वालों के सड़क पर आने पर भी पाबंदियाँ लगाई जाएँगी. रात में पूरे इराक़ में कर्फ़्यू लगा रहेगा. सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि इराक़ की सीमाओं को बंद कर दिया जाएगा और इराक़ में डेढ़ लाख अमरीकी सैनिक तैनात किए जा रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र के एक पर्यवेक्षक का कहना था कि यदि सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों का असर होता है तो चुनावों को वैध मान लिए जाने की उम्मीद है. उधर अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि जैसे-जैसे इराक़ एक लोकताँत्रिक समाज स्थापित करता है वैसे ही अमरीका इराक़ का साथ देगा. पंजीकरण खटाई में अंतरिम प्रधानमंत्री ईयाद अलावी ने कहा है कि माह के अंत में होने वाले संसदीय चुनावों में पूरी तरह सुरक्षा प्रदान करना असंभव है. इराक़ में संयुक्त राष्ट्र चुनाव सलाहकार कार्लोस वालेनजुएला ने कहा है कि अगर सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त हो सकी तो इराक़ में चुनाव सफल हो सकेंगे. लेकिन वालेनजुएला का कहना है कि चुनाव वाले दिन हमलों की प्रबल संभावना है लेकिन हिंसा के आधार पर चुनाव को अवैध नहीं ठहराया जा सकता. उधर विदेशों में रह रहे इराक़ियों के पंजीकरण का काम खटाई में पड़ता नज़र आ रहा है. पंजीकरण का काम अत्यंत धीमा हो रहा है जिसके कारण इसकी सीमा दो दिन और बढ़ा दी गई है. दुनिया भर के 14 देशों में इराक़ियों के पंजीकरण का काम कर रही संस्था इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन का कहना है कि शुक्रवार को पंजीकरण के चौथे दिन सिर्फ़ कुछ ही इराक़ियों ने पंजीकरण कराया था. दुनिया भर में पांच लाख से अधिक इराक़ी मतदाता रह रहे हैं. पंजीकरण का काम रविवार को खत्म होना था लेकिन अब इसे मंगलवार तक के लिए बढ़ा दिया गया है. |
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