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लंबे बाल के ख़िलाफ़ उत्तर कोरियाई अभियान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर कोरिया में ग़लत ढंग से बाल कटवाने वालों के ख़िलाफ़ एक मीडिया प्रचार शुरू किया गया है. उत्तर कोरिया में राष्ट्रीय टेलिविज़न पर एक अभियान के तहत ऐसा वीडियो दिखाया जा रहा है जिसमें मर्दों से सिर के पिछले हिस्से और कानों के उपर ठीक तरह से बाल कटवाने की अपील की है. इस प्रचार को नाम भी दिया गया है- ‘आइये हम सब अपने बाल सामाजिक तौर-तरिक़ो के अनुरूप कटवाएँ.’ टेलीविज़न के साथ-साथ देश के रेडियो और अख़बारों तक में साफ-सुथरे तरीक़े से बाल कटवाने और सही कपड़े पहनने से जुड़ी ख़बरें हैं. हालांकि, उत्तर कोरिया में पहले भी ऐसे अभियान चलाए गए हैं मगर ये पहली बार है कि टेलीविज़न पर ख़ास तौर पर उन लोगों की तस्वीरें दिखाई गई है जिन्हें अस्त-व्यस्त माना जाता है. इसके साथ साथ राष्ट्रीय टेलीविज़न ने ऐसे लोगों के नाम और घर का पता भी बताया है. प्योंगयांग के अलग-अलग स्थानों पर छिपे हुए कैमरों की सहायता से लंबे बाल रखने वाले मर्दों के वीडियो बनाए गए हैं. 'छोटे बाल, बेहतर स्वास्थ्य' प्योंगयांग टेलिविज़न पर ये अभियान पिछले वर्ष अगस्त में शुरू किया गया था और इसमें साफ-सफ़ाई और स्वास्थ पर ज़ोर दिया गया है. प्रचार के अनुसार लंबे बालों का मनुष्य की बुद्धि के विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. साथ ही प्रचार में मर्दों से हर 15 दिन में अपने बाल कटवाने का आग्रह किया गया. अगर थोड़ी रियायत दी गई है तो वो सिर्फ़ 50 वर्ष से ज़्यादा की उम्र के मर्दों के लिए है. इन मर्दों को गंजापन छिपाने के लिए 7 सैंटीमीटर लंबे बाल रखने की इजाज़त दी गई है. उत्तर कोरिया में टेलीविज़न के अलावा राष्ट्रीय रेडियो पर ऐसे कार्यक्रम प्रसारित किए जा रहे हैं जिनके अनुसार लोगों के कपड़े और रूप-रंग उनकी मानसिक स्थिति से संबंध रखते हैं. अख़बारों में भी ऐसी ख़बरें है कि छोटे बाल और अच्छे जूते नागरिकों के लिए कितने फ़ायदेमंद हैं. |
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