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हिंद महासागर में भी चेतावनी प्रणाली हो | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राष्ट्रमंडल देशों के संगठन 'कॉमनवेल्थ' के महासचिव डॉन मैक्किनन ने आहवान किया है कि प्रशांत महासागर में उफान की चेतावनी प्रणाली की ही तरह हिंद महासागर में भी ऐसी चेतावनी प्रणाली की व्यवस्था होनी चाहिए. हवाई स्थित प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने हिंद महासागर में रविवार को आए भूकंप के क़रीब एक घंटे के अंदर ही चेतावनी जारी की थी कि इससे प्रशांत क्षेत्र में तो कोई ख़तरा नहीं है लेकिन इस भूकंप के केंद्र के आसपास ख़तरनाक समुद्री उफान हो सकता है. हवाई स्थित चेतावनी केंद्र के अधिकारियों ने यह भी कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र के देशों में किसे इस ख़तरे की चेतावनी किसे जारी की जाती, इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी. इस तरह हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के तटीय इलाक़ों में रहने वाले लोगों के पास समय रहते कोई चेतावनी नहीं पहुँच सकी और लाखों लोग समुद्र के इस उफान की चपेट में आ गए. इनमें से बहुत से तो जान गँवा बैठे और बहुत से बुरी तरह तबाह हो गए. कॉमनवेल्थ के महासचिव डॉन मैक्किनन ने सोमवार को जारी बयान में संगठन के अप्रभावित 48 सदस्य देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे आपदा राहत मशीनरी को तेज़ करें. उन्होंने कहा, "हम इस मुद्दे पर भी विचार कर रहे हैं कि इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं से बचने और उनसे निपटने के लिए क्या दीर्घकालीन उपाय हो सकते हैं." मैक्किनन ने कहा कि कैरीबियाई, हिंद और प्रशांत महासागर क्षेत्र के देशों के प्रतिनिधियों की एक बैठक 13 जनवरी को मॉरिशस में बुलाई जा रही है जिसमें आपदा प्रबंधन प्रणाली को किस तरह मज़बूत किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि दुनिया भर में उपलब्ध आपदा प्रबंधन की विशेषज्ञता और संसाधन सभी देशों के फ़ायदे के लिए इस्तेमाल होने चाहिए. |
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