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यूक्रेन में विवादों के बीच आज मतदान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूक्रेन में राष्ट्रपति पद के लिए रविवार को फिर से मतदान हो रहा है. यह चुनाव काफ़ी विवादास्पद बन चुका है क्योंकि दोनों उम्मीदवारों के बीच काफ़ी तीखा मुक़ाबला है और अदालत के एक फ़ैसले से भी इस चुनाव पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं. सरकार की तरफ़ से विक्टर यानूकोविच और विपक्ष की तरफ़ से विक्टर युशचेन्को चुनावी समर में हाथ आज़मा रहे हैं. मतदान की निगरानी के लिए हज़ारों स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक पहले से ही यूक्रेन पहुँच चुके हैं. शनिपार को यूक्रेन की एक अदालत ने फ़ैसला दिया था कि देश के चुनावी क़ानून में किया गया एक महत्वपूर्ण बदलाव संविधान का उल्लंघन करता है. ये क़ानून घर से मतदान करने वालों के लिए है. क़ानून में सुधार के तहत घर से मतदान करने को सीमित कर दिया गया था. नवंबर में हुए विवादित चुनाव के बाद देश की संसद ने चुनाव सुधार संशोधन पारित किया था. लेकिन प्रधानमंत्री विक्टर यानूकोविच के समर्थकों ने इसका विरोध किया था और इसे अदालत में चुनौती दी थी. यानूकोविच समर्थकों का कहना है कि यह बदलाव ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ है जो विकलांग हैं या फिर जो घर संभाल रहे हैं. संसद द्वारा पारित संशोधनों के बाद ही रविवार को राष्ट्रपति चुनाव का दूसरा दौर दोबारा करवाया जा रहा है. |
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