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ज़हर देने के आरोप की दोबारा जाँच | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूक्रेन में विपक्षी नेता विक्टर युशचेन्को को उस अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है जहाँ के डॉक्टरों ने कहा है कि उन्हें ज़हर दिया गया था. युशचेन्को ने ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना के अस्पताल से जाते समय अपनी जान बचाने के लिए ऑस्ट्रियाई डॉक्टरों का आभार प्रकट किया. उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पिछले दिनों यूक्रेन की राजधानी कीव में जो कुछ हुआ वह बर्लिन की दीवार ढहने और सोवियत संघ के विघटन के सरीखा था. उन्होंने कहा कि यूक्रेन की वर्तमान सरकार के भी दिन अब पूरे हो गए हैं. इस बीच यूक्रेन में अधिकारियों ने कहा है कि युशचेन्को को ज़हर देने के मामले की दोबारा जाँच शुरू हो रही है. आरोप युशचेन्को पिछले सितंबर में राष्ट्रपति चुनाव अभियान के बीच ही रहस्यमय रूप से बीमार हो गए थे जिसके बाद उनका चेहरा भी बिगड़ गया. युशचेन्को का इलाज कर रहे ऑस्ट्रियाई डॉक्टरों ने शनिवार को कहा कि उनको ये बीमारी डायॉक्सिन नाम का ज़हर दिए जाने के कारण हुई. युशचेन्को आरंभ से ही कहते रहे हैं कि वे यूक्रेन की ख़ुफ़िया सेवा के प्रमुख के साथ रात्रिभोज के बाद ही बीमार पड़े. पिछले अक्तूबर में सरकारी वकील ने कहा था कि युशचेन्को एक तरह के वायरस का शिकार हो गए थे. मगर युशचेन्को के चिकित्सकों ने वियना में बताया कि उनको ज़हर दिया गया था और और अगर इसका इलाज नहीं होता तो उनकी जान भी जा सकती थी. सवाल वैसे युशचेन्को के विरोधियों ने ऑस्ट्रियाई चिकित्सकों की जाँच पर ऊँगलियाँ उठाई हैं. साथ ही वे दोबारा होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले उनकी जाँच की रिपोर्ट बाहर आने के वक़्त पर भी सवाल कर रहे हैं. यूक्रेन में 26 दिसंबर को दोबारा राष्ट्रपति चुनाव करवाए जाने हैं जिसमें विक्टर युशचेन्को के सामने हैं प्रधानमंत्री विक्टर यानूकोविच. यूक्रेन में नवंबर में हुए चुनाव में पहले यानूकोविच को विजयी घोषित किया गया था मगर भारी विरोध के बाद सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव रद्द करते हुए दोबारा चुनाव कराने के आदेश दिए थे. |
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