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यूक्रेन में प्रचार कड़वाहट के बीच बंद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूक्रेन में फिर से हो रहे राष्ट्रपति चुनावों के लिए शुक्रवार को ख़त्म हुए प्रचार के बाद दोनों उम्मीदवारों में कड़वाहट और बढ़ गई. दोनों ही उम्मीदवार कोशिश कर रहे हैं कि उनके समर्थक जब रविवार को मतदान के लिए बाहर निकलें तो किसी तरह की हिंसा न हो. इस चुनाव में विपक्षी नेता विक्टर युशचेन्को और प्रधानमंत्री विक्टर यानूकोविच के बीच काँटे की टक्कर है. प्रधानमंत्री विक्टर यानूकोविच ने अपने समर्थकों से कहा है कि देश का भविष्य दाँव पर है. जबकि उनके विरोधी विक्टर युशचेन्को ने कहा है कि देश की एकता उनके लिए अधिक महत्वपूर्ण है. उन्होंने यह भी कहा है मतदान शांतिपूर्ण हो सके यह सुनिश्चित करना सरकार की ज़म्मेदारी है. प्रधानमंत्री विक्टर यानूकोविच ने यह भी कहा है कि मतदाताओं में किस तरह से शांति बनाए रखी जाए, इस मुद्दे पर बातचीत के लिए वह प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार विक्टर युशचेन्को से बातचीत करना चाहते हैं. देश के निवर्तमान राष्ट्रपति लियोनिद कुशमा ने दोनों ही उम्मीदवारों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने इस चुनाव को एक असभ्य लड़ाई बना दिया है. साथ ही उन्होंने दोनों उम्मीदवारों से कहा कि उन्हें कड़वाहट भरे मुक़ाबले के बजाय राष्ट्रीय एकता के लिए काम करना चाहिए. इस बीच अनेक देशों से अंतरराष्ट्रीय चुनाव पर्यवेक्षक यह देखने के लिए यूक्रेन पहुँचना शुरू हो गए हैं कि चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र हों. इन चुनावों पर नज़र रखने के लिए क़रीब बारह हज़ार अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक यूक्रेन पहुँचेंगे. |
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