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पॉवेल ने एकजुटता की अपील की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने यूरोपीय देशों से अपील की है कि वो इराक़ मुद्दे पर अमरीका से अपने मतभेदों को भुलाते हुए अमरीका-यूरोप संबंधों को सामान्य बनाने में योगदान दें. ब्रसेल्स में नैटो सैन्य संगठन के देशों के विदेश मंत्रियों को संबोधित करते हुए पॉवेल ने यह अपील की. पॉवेल ने बुधवार को कहा, "मैं जानता हूँ कि पिछले चार वर्षों के दौरान किए गए राष्ट्रपति बुश के कई फ़ैसले यूरोप में विवादास्पद रहे हैं, ख़ास कर इराक़ से जुड़े फ़ैसले." उन्होंने कहा, "बीते दिनों में और इराक़ के बारे में हमारे जो भी मतभेद रहे हों, इस समय हम आगे की ओर देख रहे हैं. हम यूरोप की ओर आगे बढ़े हैं, और हमें उम्मीद है यूरोप भी अमरीका की ओर क़दम बढ़ाएगा." अमरीका चाहता है कि नैटो के यूरोपीय सहयोगी इराक़ी सुरक्षा बलों के प्रशिक्षण के कार्यक्रम में भागीदारी करें, जबकि इराक़ पर हमले के विरोधी कई यूरोपीय देशों ने अपने सैन्य प्रशिक्षकों को ऐसे किसी मिशन से जोड़ने से इनकार किया है. ब्रसेल्स से बीबीसी के एक संवाददाता के अनुसार अमरीका और यूरोप के मतभेदों को समाप्त करना पॉवेल के लिए आसान नहीं होगा. विशेष बैठक इससे पहले नैटो देशों के विदेश मंत्रियों ने पहली बार मध्य-पूर्व और उत्तरी अफ़्रीकी देशों के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक की. इस अभूतपूर्व बैठक में इराक़ और इसराइल-फ़लस्तीन संघर्ष जैसे मुद्दे छाए रहे. विदेश मंत्रियों ने आतंकवाद से निपटने के उपायों पर भी चर्चा की. ग़ौरतलब है कि नैटो पिछले 10 वर्षों से इसराइल, अल्जीरिया, मिस्र, जॉर्डन, ट्यूनीशिया, मोरक्को और मॉरिटानिया के साथ 'भूमध्यसागरीय वार्ता' नामक एक कार्यक्रम चला रहा है. हालाँकि नैटो अधिकारी स्वीकार करते हैं कि अब आकर सही मायने में इस कार्यक्रम को प्राथमिकता सूची में लाया जा सका है. |
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